01जेएनडी17: चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय। संवाद
जींद। चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय (सीआरएसयू) प्रशासन ने परिसर को सौर ऊर्जा से रोशन करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। विश्वविद्यालय में विभिन्न भवनों की छतों पर 500 किलोवाट क्षमता का ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप सोलर पावर प्लांट लगेगा।
करीब दो करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। 25 मई को बिड खुलेगी। टेंडर के तहत चयनित कंपनी को प्लांट का डिजाइन, आपूर्ति, स्थापना, परीक्षण और कमीशनिंग का कार्य सौंपा जाएगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन की योजना है कि तकनीकी और वित्तीय मानकों को पूरा करने वाली एजेंसी का चयन कर चार से पांच महीने में परियोजना को पूरा कर लिया जाएगा।
सोलर प्लांट के चालू होने के बाद विश्वविद्यालय को बिजली खर्च में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। अनुमान के है कि यह प्लांट प्रतिदिन 2000 से 2500 यूनिट बिजली का उत्पादन करेगा। इससे कुल बिजली बिल में 30 से 40 प्रतिशत तक कमी आ सकती है।
प्लांट को ग्रिड से जोड़ने की योजना है जिससे छुट्टियों या कम उपयोग के समय बची हुई बिजली को नेट मीटरिंग प्रणाली के तहत सरकारी ग्रिड में भेजा जा सकेगा। इससे विश्वविद्यालय को आर्थिक लाभ भी होगा। इस परियोजना से विद्यार्थियों को भी कई स्तरों पर फायदा होगा।
बाक्स
सीआरएसयू में सौर ऊर्जा की पहल की गई है। इसके तहत 500 किलोवाट क्षमता का ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप सोलर पावर प्लांट स्थापित किया जाएगा। इसके टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है।
-सीमा गुप्ता, रजिस्ट्रार सीआरएसयू