जींद में नहीं होगी बाजरे की खरीद, जुलाना या उचाना में बेचना पड़ेगा
जींद मंडी पहुंचे किसानों की नहीं हुई बाजरे की खरीद
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। जींद अनाज मंडी को इस बार बाजरे का खरीद केंद्र नहीं बनाया गया है। इससे जींद के किसानों को भी अब जुलाना या फिर उचाना जाना पड़ेगा। सरकार ने जिले में दो ही सेंटर अलॉट किए है। ऐसे में बाजरे की फसल को लेकर जींद अनाज मंडी पहुंचने वाले किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने कहा कि बाजरे की फसल को जींद अनाज मंडी में खरीदने से मना कर दिया और इससे काफी परेशानी हुई।
किसानों ने कहा कि प्रशासन को किसानों को पहले ही बताना था कि जिले में दो सेंटर बनाए गए हैं। अब पहले जींद अनाज मंडी के किसान आते है और दिनभर सरकारी केंद्रों के बाहर चक्कर काटकर वापस जाना पड़ता है। खरीद केंद्र के अधिकारी भी कोई जानकारी नहीं दे रहे। फसल को बेचने के लिए जुलाना या फिर उचाना जाना पड़ेगा। इससे परेशानी का सामना करना पड़ेगा। किसानों ने कहा कि प्रशासन व सरकार ने जींद को भी खरीद केंद्र में शामिल करना चाहिए था।
बाजरे की फसल बेचने के लिए सुबह से ही सरकारी खरीद केंद्र के चक्कर काट रहे हैं। आढ़तियों से पता चला कि जिले में दो ही सरकारी खरीद केंद्र जुलाना व उचाना में बनाया गया है, इससेे काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
-ओमप्रकाश, किसान कालवा गांव।
सरकार ने जिले में दो बाजरे की खरीद केंद्र बनाए है। किसान अपनी बाजरे की फसल को बेचने के लिए उचाना या फिर जुलाना में जा सकते हैं। दोनों केंद्रों में सरकारी खरीद शुरू कर दी है।
संजीव कुमार, सचिव मार्केट जींद मंडी।
फोटो कैप्शन
01जेएनडी 52 : जींद अनाज मंडी में बाजरे की ढ़ेरी को साफ करते हुए मजदूर।
01जेएनडी 53 : किसान ओमप्रकाश का फोटो।