एस्मा के तहत केस दर्ज होने वाले कर्मचारियों ने भी दी गिरफ्तारी, पुलिस बोली नहीं थे कर्मचारी
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। मांगों को लेकर सर्व कर्मचारी संघ ने मंगलवार को गिरफ्तारियां दीं। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के वह कर्मचारी भी पहुंचे, जिनके खिलाफ एस्मा के तहत केस दर्ज हुआ था। हैरानी की बात यह है कि उनके मौजूद होने के बाद भी पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर पाई। वहीं पुलिस इस बात से ही नकार रही है कि वे कर्मचारी प्रदर्शन में शामिल हुए थे। जिन कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज हैं वे न केवल प्रदर्शन में शामिल हुए, बल्कि गिरफ्तारियां भी दीं। बाद में उन्हें जमानत पर रिहा भी कर दिया गया।
जानकारी के लिए प्रदेशभर में एमपीएचडब्ल्यू 27 अगस्त से हड़ताल कर रहे हैं। इसके चलते प्रदेश सरकार ने इन कर्मचारियों पर एस्मा के तहत कार्रवाई शुरू की। इस पर सिविल सर्जन कार्यालय ने दस कर्मचारियों के नाम प्रशासन को भेजे और इनके खिलाफ एस्मा के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। इस मामले में एक कर्मचारी की गिरफ्तारी हुई है। बाकी नौ कर्मचारी भूमिगत चल रहे हैं। इनमें से कई कर्मचारी मंगलवार को सर्व कर्मचारी संघ के जेल भरो आंदोलन में पहुंचे, लेकिन पुलिस इनको गिरफ्तार नहीं कर सकी।
कर्मचारियों पर कार्रवाई का विरोध
गौरतलब है कि मांगों को लेकर कर्मचारियों ने चंडीगढ़ में विधानसभा का घेराव किया था। इस दौरान चंडीगढ़ में कर्मचारियों पर लाठी चार्ज किया गया। अब सर्व कर्मचारी संघ इस कार्रवाई के विरोध और कर्मचारियों पर एस्मा लगाए जाने के विरोध में आंदोलन चला रहा है। इसके तहत चरणबद्ध तरीके से आंदोलन चलेगा। इसके लिए सर्व कर्मचारी संघ ने नवंबर तक का कैलेंडर तैयार किया है।
20-21 को रोडवेज कर्मचारियों के आंदोलन का समर्थन
इस दौरान सर्व कर्मचारी संघ के नेताओं ने ऐलान किया कि रोडवेज की हड़ताल के दौरान हुए लाठीचार्ज के विरोध में 20-21 सितंबर को रोडवेज कर्मचारी भूखहड़ताल करेंगे। इस आंदोलन में सर्व कर्मचारी संघ भी हिस्सा लेगा।
जारी रहेगा आंदोलन
सरकार कर्मचारियों की जायज मांगों पर बातचीत करने की बजाये दमन से कर्मचारियों को दबाना चाहती है। यह किसी भी सूरत में नहीं होगा। कर्मचारी अपने अधिकारों के तहत आंदोलन करते रहेंगे। 20-21 को रोडवेज कर्मचारियों की भूख हड़ताल में सर्व कर्मचारी संघ समर्थन करेंगे। इसके बाद 28 सितंबर से 25 अक्तूबर तक प्रदेशभर के विधायक के आवास पर प्रदर्शन किया जाएगा। दो अक्तूबर को प्रदेश भर में डीसी के आवास पर सत्याग्रह आंदोलन के तहत धरना दिया जाएगा। 28 अक्तूबर को प्रदेश के मंत्रियों के आवास पर प्रदर्शन किया जताएगा व 15 नवंबर को एक दिन का काम छोड़कर प्रदेश भर के कर्मचारी रोष प्रकट करेंगे।
रामफल दलाल, जिलाध्यक्ष सर्व कर्मचारी संघ।
एस्मा के तहत केस दर्ज किए कर्मचारियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। मंगलवार को सर्व कर्मचारी संघ के कार्यक्रम में केस दर्ज होने वाले कर्मचारी नहीं पहुंचे। यदि वे पहुंचते तो पुलिस जरूर गिरफ्तार करती।
विरेंद्र सिंह खर्ब, सिविल लाइन थाना प्रभारी।