19 करोड़ रुपये की परियोजना सिर्फ हस्ताक्षर नहीं होने से अटकी
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। सांसद रमेश कौशिक ने शनिवार को सांसद निधि कोष के विकास कार्यों की समीक्षा की। इससे पहले कौशिक ने लघु सचिवालय में बने नगर परिषद के नए कार्यालय का शुभारंभ भी किया। इस दौरान नगर परिषद की चेयरमैन पूनम सैनी के पति और भाजपा के प्रदेश सचिव जवाहर सैनी ने विकास कार्यों की धीमी गति की पीड़ा सांसद रमेश कौशिक को सुनाई। जवाहर सैनी ने कहा कि नगर परिषद ने अर्बन इस्टेट की सड़कों के लिए 19 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार कर मुख्यालय को भेजा है। सिर्फ रेट अप्रूवल पर हस्ताक्षर होने के कारण यह मामला लटका हुआ है। इस पर सांसद रमेश कौशिक ने कहा कि चार महीने में करवालो, फिर कद बणैगा।
इस दौरान सांसद रमेश कौशिक ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर कहा कि कोई कलम चला कै राजी नहीं, काम नहीं करणा चांदे, बस पैसे लेणा चावैंसैं। इस दौरान पास ही बैठे हरियाणा हाउसिंग फैडरेश के चेयरमैन डॉ. ओपी पहल से सांसद ने कहा कि डॉ. साहब आप तो चेयरमैन बणगे, चंडीगढ़ जाते हो, जरा देखो। इस दौरान कौशिक ने कहा कि विकास के लिए पैसे की कमी नहीं है। उनके द्वारा की गई घोषणाओं में 50 प्रतिशत पैसा नहीं लगा है। इस पर जल्द से जल्द काम होना चाहिए।
टेक्निकल अप्रूवल में अटकी पांच योजना
भाजपा के प्रदेश सचिव जहवार सैनी ने सांसद के समक्ष रेलवे की जमीन पर बनने वाले पांच पार्कों का काम अटकने का मुद्दा भी उठाया। सैनी ने कहा कि इसके लिए नगर परिषद ने परियोजना तैयार कर मुख्यालय को भेज दी है, लेकिन इसके लिए टेक्निकल स्वीकृति लेने की मांग की जा रही है। इसके चलते इस परियोजना में देरी हो रही है। सांसद रमेश कौशिक ने इस काम को जल्द करवाने का आश्वासन दिया।
सांसद निधि कोष से मिले सात करोड़
मीटिंग के दौरान डीसी अमित खत्री ने बताया कि एमपी लैंड स्कीम के तहत जींद जिला में सांसद रमेश कौशिक के कोटे से छह करोड़ 85 लाख रुपये की ग्रांट मिली है। इसके के तहत 28 विकास कार्यों को उपयोगिता प्रमाण पत्र भिजवाये जाने बाकी हैं। लंबित विकास परियोजनाओं में 50 प्रतिशत ऐसे कार्य है, जिनके लिए जून व जुलाई माह में काम अॅलाट हुए हैं। पांच कामों का एस्टीमेट तैयार कर भेज दिए गए हैं। अधिकतर परियोजनाओं पर 90 प्रतिशत काम हो चुका है। सांसद रमेश कौशिक ने कहा कि रेलवे कोच फैक्ट्री गन्नोर में बनाई जाएगी। इस पर 486 करोड़ रुपये की राशि खर्च होगी। करीब 175 एकड़ जमीन में यह रेलवे कोच फैक्ट्री से क्षेत्र के युवाओं को रोजगार मिलेगा।