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नगर परिषद में गलत तरीके से भुगतार की जांच के दौरान विनोद आसरी के समय के भुगतान पर भी उठे सवाल

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अमर उजाला ब्यूरो
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जींद। पिछले कई दिन से जींद नगर परिषद में गलत तरीके से भुगतान का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। विपक्षी पार्षदों द्वारा यह मामला उठाए जाने के बाद अब चेयरपर्सन पूनम सैनी ने जांच करते हुए पूर्व प्रधान विनोद आसरी के कार्यकाल में भी ठीक इसी प्रकार से 18 लाख रुपये का भुगतान होने की बात कही है। पूनम सैनी ने कहा कि इस मामले की जांच चल रही है। कई तथ्य सामने आ चुके हैं। यदि इसमें कोई खामी पाई जाती है तो आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। वहीं पूर्व प्रधान विनोद आसरी और पूर्व पार्षद जितेंद्र सैनी इसे दबाव की राजनीति बता रहे हैं।
गौरतलब है कि दो महीने पहले नगर परिषद से सात लाख रुपये का भुगतान गलत तरीके से करने की शिकायत प्रशासन व सीएम विंडो पर की गई थी। इसके तहत पूर्व पार्षद जितेंद्र सैनी की पत्नी की फर्म से सीमेंट खरीदी गई है, लेकिन इसका चैक नगर परिषद के ही किसी कर्मचारी के नाम बनाया गया, जबकि जितेंद्र सैनी की पत्नी सुनीता सैनी को भुगतान ही नहीं हुआ। इसके बाद से नगर परिषद की राजनीति गर्माई हुई है। अब चेयनपर्सन पूनम सैनी ने अतीत में हुए विभागीय विकास कार्यों की जांच शुरू की है। उनका कहना है कि आसरी के कार्यकाल में हुए विभागीय कार्यों में 63 एंट्री ऐसी हैं, जिनमें नगर परिषद के कर्मचारियों के नाम से भुगतान हुआ है। इनमें लगभग 18 लाख रुपये का भुगतान किया गया।
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जांच के बाद होगा फैसला
पूर्व प्रधान विनोद आसरी ने उन पर 7.22 लाख रुपये की राशि से विभागीय कार्य करवाते हुए जेई के नाम भुगतान को लेकर आरोप लगाए हैं, जबकि खुद विनोद आसरी ने नप प्रधान रहते अपने कार्यकाल में 18 लाख रुपये से ज्यादा के विभागीय काम करवाए और अपने चहेतों को फायदा पहुंचाया है।
-पूनम सैनी, चेयरपर्सन, जींद नगर परिषद।
अपने कारनामे छिपाने को लेकर करवाई जा रही जांच
चेयरर्सन पूनम सैनी के खिलाफ सात लाख 22 हजार रुपये के भुगतान में गड़बड़ी की शिकायत की गई है। इसमें चोरी साफ है। अब इस मामले को दबाने के लिए दबाव की राजनीति की जा रही है। जब मैं चेयरमैन था, मेरे भाई ने कोई टैंडर नहीं लिया। जो विभागीय काम हुए, वह विभाग के स्तर पर करवाए गए हैं। सीधे-सीधे शिकायत की जांच होनी चाहिए।
विनोद आसरी, पूर्व प्रधान जींद नगर परिषद।
शिकायत वापस लेने के लिए मिल रही है धमकी, किसी ओर से करवाई जाए जांच
चेयरपर्सन पर गलत तरीके से भुगतान का आरोप लगाने वाली सुनीता सैनी ने इस मामले की जांच किसी ओर अधिकारी से करवाने की मांग की है। इसके लिए सीएम विंडो पर शिकायत दी गई है। सुनीता सैनी का कहना है कि इस मामले की शिकायत ढाई महीने पहले की थी। अब तक जांच शुरू नहीं हुई है। इसी बीच उन पर शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा है।
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शिकायत देने पर बौखलाए जवाहर सैनी
वहीं इस मामले में मुख्य किरदार रहे सीमेंट डिस्ट्रीब्यूटर सुनीता सैनी के पति व पूर्व पार्षद जितेंद्र सैनी ने इस पूरे मामले में चेयरपर्सन पूनम सैनी के पति व भाजपा के प्रदेश सचिव जवाहर सैनी पर निशाना साधा है। वीरवार को प्रेस बयान जारी कर जितेंद्र सैनी ने कहा कि नगर परिषद में हुई गड़बड़ी की शिकायत सीएम विंडो पर देने के बाद जवाहर सैनी बौखला गए हैं। साथ ही जितेंद्र सैनी ने कहा कि जवाहर सैनी सीएम के नाम पर पार्टी को बदनाम कर रहे हैं।
यह नगर परिषमद का मामला है। इसमें जांच चल रही है। जो दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। अपनी खाल बचाने के लिए इस प्रकार के आरोप लगाए जा रहे हैं।
जवाहर सैनी, प्रदेश सचिव भाजपा।
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