अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
जिला मुख्यालय पर गरीब तबके के लोगों को केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ देने के लिए अंत्योदय भवन बनाया गया है। इसकी शुरूआत लगभग डेढ़ माह पहले 14 अप्रैल को हुई थी, लेकिन इस भवन में मिलने वाली 137 प्रकार की सेवाओं की तरफ शायद ही किसी का ध्यान हो।
अंत्योदय भवन को स्थापित हुए लगभग 46 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक इसमें 164 आवेदन पत्र ही मिले हैं। अंत्योदय केंद्र द्वारा 137 प्रकार की सेवाएं देने का वायदा किया जा रहा है, लेकिन लोगों में जागरूकता का अभाव है जिसके चलते केंद्र में नाममात्र ही लोग सेवाओं का लाभ उठाने के लिए आते हैं। अकेले जींद शहर की जनसंख्या लाखों में है, लेकिन केंद्र पर अभी तक हुए आवेदनों की संख्या ने इसकी लोगों में रूचि को जगजाहिर किया है। केंद्र पर आए आवेदनों में से 71 आवेदन पत्रों को अब तक ऑनलाइन किया गया है, जबकि 93 आवेदन ऑफलाइन प्राप्त हुए हैं। इस भवन में चार काउंटर लगाकर लोंगों को सेवाएं दी जा रही हैं, लेकिन आलम यह है कि प्रतिदिन प्रत्येक काउंटर पर एक फार्म ही मुश्किल से जमा होता है। इस केंद्र पर आए ज्यादातर फार्म समाज कल्याण विभाग के हैं।
सुविधा अच्छी पर लोगों की नहीं रूचि
खास बात यह है कि यहां एक हेल्प डेस्क बनाया गया है। जिस पर एक कर्मचारी की ड्यूटी निर्धारित है। वह प्रार्थी का नाम, पता तथा काम की प्रवृति के बारे जानकारी कंप्यूटर में दर्ज करता है और प्रार्थी को स्लिप जारी करता है। प्रार्थी किसी भी काम के लिए किसी भी काउंटर पर जा सकता है।
ज्यादातर इन सुविधाओं का लिया जा रहा लाभ
अंत्योदय भवन में ज्यादातर समाज कल्याण, कल्याण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग कल्याण, पशुपालन, राजस्व, श्रम विभाग, मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना, छात्रों को दी जाने वाली छात्रवृति इत्यादि विभागों की जानकारी और इनसे मिलने वाले लाभों के लिए यहां आवेदन किया जाता है।