पेमेंट और उठान न होने पर आढ़तियों ने अनाज मंडी गेट पर ताला जड़ दिया धरना
अमर उजाला ब्यूरो
अलेवा।
अलेवा अनाज मंडी से गेहूं का उठान नहीं होने और पेमेंट नहीं मिलने से खफा आढ़तियों ने शुक्रवार को मंडी गेट पर ताला जड़ एसोसिएशन के प्रधान रामदिया लोहान की अध्यक्षता में धरना दिया। सरकार के इस रवैये से परेशान आढ़तियों ने कहा कि मंडी में गेहूं डालने के लिए न तो जगह है और न ही बेची गई गेहूं की पेमेंट सरकार द्वारा जारी की जा रही है। इसके कारण मंडी में आढ़तियों को भारी परेशानियों से गुजरना पड़ रहा है। आढ़तियों के मंडी पर ताला और धरने की सूचना पाकर अलेवा के नायब तहसीलदार जगदीश चंद्र, हैफेड मैनेजर रोशनलाल, डीएम कर्ण सिंह लोहान तथा मार्केट कमेटी के सहायक सचिव कृष्ण कुमार मौके पर पहुंचे और मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया। आश्वासन के करीब चार घंटे के बाद मंडी के गेट पर लगे ताले को खोलकर आढ़तियों ने धरना उठा दिया। आढ़तियों का कहना है कि एक अप्रैल से गेहूं खरीद का कार्य शुरू हुआ था। 10 अप्रैल से गेहूं की आवक तेज हो गई। वेयर हाऊस द्वारा उठान का कार्य ढीला होने के कारण उनको परेशानी हुई है। उन्होंने कहा कि हैफेड द्वारा 2 लाख कटटों की खरीदे के बाद केवल 50 हजार कटटों का उठान ही किया है। जिसके कारण आढ़तियों की पेमेंट रुकी हुई है। उठान नहीं होने के कारण मंडी कट्टों से अटी पड़ी है और गेहूं चोरी होने का खतरा बढ़ गया है। नियमानुसार 72 घंटे में गेहूं का उठान होना चाहिए और राशि का भुगतान भी। बावजूद इसके राशि नहीं दी गई। अधिकारियों को अवगत करवाने के बाद भी उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया। जिसके चलते आखिरकार मंडी गेट पर ताला जड़ने तथा धरना देने पर मजबूर होना पड़ा।
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अवगत कराने के बाद भी नहीं हुआ समाधान : एसोसिएशन अध्यक्ष
मंडी एसोसिएशन के अध्यक्ष रामदिया लोहान ने बताया कि मामले को लेकर उच्च अधिकारियों को अवगत करवाने का काम किया था, लेकिन समाधान न होने के कारण आखिरकार उनके द्वारा मंडी गेट पर ताला जड़ने के अलावा धरना देने को मजबूर होना पड़ा। फिलहाल अधिकारियों द्वारा समय पर उठान और पेमेंट के मामले में समाधान करने की बात कही है। जिसके चलते करीब चार घंटे के बाद मंडी गेट पर लगे ताले को खोलकर धरना उठा दिया है। अगर अब भी समाधान नहीं होता तो फिर ताला लगाने का काम किया जाएगा।