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रोडवेज बस चालकों की लापरवाही से राजकीय महिला महाविद्यालय की छात्राएं परेशान

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रोडवेज बस चालकों की लापरवाही से छात्राएं परेशान
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अमर उजाला ब्यूरो
सफीदों।
रोडवेज चालकों की लापरवाही के कारण गांवों से महिला कालेज सफीदों में पढ़ने आने वाली छात्राओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पहले तो बस गांव में ही लेट पहुंचती है और सफीदों पहुंचकर उन्हें कालेज से तीन किलोमीटर दूर उतारकर चली जाती है। नतीजतन छात्राओं को तीन किलोमीटर दूर पैदल चलकर कालेज पहुंचना पड़ता है और कालेज में देरी से पहुंचने के कारण उनकी पढ़ाई बुरी तरह से प्रभावित हो रही है।
महिला कालेज में पढ़ने वाली छात्राएं शालू, निशा, पूजा, काजल, सरीता, अंकिता, रितू, प्रिति समेत कई ने बताया कि डिडवाड़ा, निम्नाबाद, भूसलाना, खातला, बडौद, बसीनी व साहनपुर गांवों की पढ़ने वाली लड़कियों के लिए राजकीय परिवहन की बस हाल ही में लगी थी। यह बस कभी भी समय पर नहीं पहुंची। इस बस का डिडवाड़ा गांव में पहुंचने का समय सुबह आठ बजे है, जबकि यह बस करीब डेढ़ घंटा लेट साढ़े नौ बजे के करीब पहुंचती है।
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इसके अलावा इस बस के खड़े होने का स्थान डिडवाड़ा गांव का सालवन अड्डा है, लेकिन यह बस भुसलाना मोड पर आकर खड़ी हो जाती है, जिसके कारण छात्राओं को करीब डेढ़ किलोमीटर पैदल चलकर सालवन अड्डा से भुसलाना मोड पर आना पड़ता है। बस विभिन्न गांवों से होते हुए सफीदों पहुंचती है और उन्हें सफीदों के साहनपुर मोड़ पर उतार दिया जाता है। साहनपुर मोड़ से कालेज की दूरी करीब तीन किलोमीटर है, जबकि इस बस को छात्राओं को कालेज के बाहर उतारने के लिए कहा गया है। वे किसी तरह से तीन किलोमीटर की दूरी तय करके कालेज पहुंचती है और वहां उनके कई विषयों की कक्षाएं खत्म हो चुकी होती हैं।
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छात्राएं देर सायं पहुंचती है घर
छात्राओं ने कहा कि वे अल सुबह घर से निकलती हैं और देर सायं तक घर पहुंचती हैं। देरी से पहुंचने के कारण उनके परिजनों को कई प्रकार की चिंताएं सताती हैं। बस केवल लड़कियों के लिए लगी हुई है लेकिन रास्ते में शरारती किस्म के युवक भी बस में चढ़ जाते हैं, जो गंदी भाषा का प्रयोग करके आपस में लड़ाई-झगड़ा करके उन्हें परेशान करते हैं। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी इस रूट के लिए दो बार बस सेवा शुरू की गई थी, लेकिन वह बंद हो गई थी और अब तीसरी बार भी यह सेवा बंद होने के कागार पर है। इस बारे में वे कालेज प्राचार्य व प्रशासन को बता चुकी हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि इस बस को समय पर व सुचारू तरीके से चलवाया जाए, ताकि उन्हें पैदल तीन किलोमीटर दूर नहीं चलना पड़े और नहीं ही उनकी पढ़ाई प्रभावित हो।
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बदला जाएगा समय
इस मामले में रोडवेज के सफीदों डीआई महेंद्र सिंह का कहना है कि उनको यह बस सफीदों से आठ बजे चलाने के आदेश थे। अगर इस संबंध में कोई दिक्कत आ रही है तो इस बस को साढ़े सात बजे चलाना शुरू कर दिया जाएगा। क्षेत्र की बेटियों को रोडवेज की ओर से कोई भी दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। भविष्य में छात्राओं को कालेज के नजदीक ही छोड़ने के लिए चालकों को बोल दिया जाएगा।

फोटो नंबर 20जेएनडी25: सफीदों में पत्रकारों को जानकारी देती हुई छात्राएं।
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