लख्मीचंद ने जलाए रखी अध्यात्मिकता की लौ
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। सांग सम्राट और हरियाणा के सूर्य कवि पंडित लख्मीचंद की पुण्यतिथि पर हिंदू जागरण मंच और संस्कृति रक्षा मंच सफीदों रोड स्थित एक निजी होटल में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान जाने माने कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियां दी। इस दौरान स्वर्गीय पंडित लख्मी चंद के पौत्र विष्णु शर्मा ने जहां उनके जीवन पर प्रकाश डाला तो जाने माने साहित्यकार हरिश्चंद्र बंधु ने वर्तमान दौर में पंडित लख्मी चंद की रचनाओं की विवेचना की।
इस दौरान हरिश्चंद्र बंधु ने कहा कि अंग्रेजों की गुलामी के समय जब देश राजनीतिक और सामाजिक तौर पर काफी पिछड़ गया था तो पंडित लख्मी चंद ने उत्तर भारत और विशेषकर हरियाणा में सांस्कृतिक और अध्यात्मिकता को और अधिक मजबूत किया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार किसी भी समाज के लिए सामाजिकता महत्वपूर्ण होती है, वैसे ही वहां की संस्कृति और अध्यात्म भी महत्पूर्ण होता है। ऐसे में उस समय में पंडित लख्मी चंद द्वारा समाज को दिए गए योगदान का कोई मुकाबला नहीं है। उन्होंने काफी पहले ही वर्तमान दौर में होने वाली घटनाओं का वर्णन कर दिया था। इस दौरान हिंदू जागरण मंच के प्रांतीय संगठन मंत्री गोविंद ने लोगों का आश्वासन दिया कि इतिहास से जुड़ी ऐसी विभूतियों की याद में कार्यक्रम होते रहेंगे। यहां जाने माने लोक गायकों ने लख्मीचंद द्वारा लिखी रचनाओं को प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में पंडित लख्मीचंद के जीवन पर कमल शर्मा द्वारा लिखी पुस्तक का विमोचन किया गया व चीनी सामान का विरोध करने की शपथ ली। कार्यक्रम में मनोज शर्मा, पवन शर्मा, राजेश सैनी, सुशील पांचाल, मास्टर भगवान दत्त, राकेश सैनी, नरेंद्र, संजय बास, अनिल लाठर मौजूद रहे।