नगर परिषद के उप प्रधान की कुर्सी हिली
अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
नगर परिषद चेयरमैन पूनम सैनी की कुर्सी हिलाने के दावे करने वाले उप प्रधान विनोद आशरी की खुद की कुर्सी ही खतरे में आ गई है। इसके लिए नगर परिषद के 31 में 25 पार्षदों ने डीसी अमित खत्री को शथपपत्र सौंप कर अविश्वास जताया है। अब प्रशासन इस पर आगामी कार्रवाई करेगा। हैरानी की बात है कि नए समीकरणों में कई ऐसे पार्षद भी चेयरमैन के साथ आ गए हैं, जो कल तक डंके की चोट पर उप प्रधान विनोद आशरी के साथ खड़े थे और चेयरमैन का विरोध कर रहे थे।
पिछले साल नगर परिषद के गठन के साथ ही पूनम सैनी चेयरमैन और विनोद आशरी उप-प्रधान चुने गए। चुनाव के कुछ समय के बाद ही उनके और चेयरमैन के बीच खाई बढ़ गई थी। स्थिति यहां तक आ पहुंची थी कि विनोद आशरी सदन की मीटिंग में भी नहीं पहुंच रहे थे। ऐसे में बुधवार को नगर परिषद के 25 पार्षदों ने विनोद आशरी के खिलाफ खुली बगावत का बिगुल फूंकते हुए उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव डीसी को सौंप दिया। इनमें चेयरमैन पूनम सैनी के साथ पार्षद सुनीता, पूजा, रणधीर सिंह, रजनी देवी, राकेश चुघ, हरपाल, कर्मबीर, सीमा, नरेश कुमार, रिंकू नागर, राकेश चुघ, विनोद, मुकेश, प्रवीन कुमार, संतोष कुमारी, जसमेर, संदीप, ज्योति कौशिक, हरेंद्र काला, जिले सिंह जागलान, अन्नु, राजवंती मेहरा, राममेहर ठेकेदार और शोभा गोयल शामिल रहे।
नगर परिषद की राजनीति में बड़ा उलटफेर
इस घटना के बाद जींद नगर परिषद की राजनीति में बड़ा उलट फेर हो गया है। विनोद आशरी दो बाद चेयरमैन रह चुके हैं औरजो बार चेयरमैन का पद महिला के लिए आरक्षित होने के कारण कांग्रेसी नेता ठपा लेकर भी उप प्रधान बनान उनके लिए महत्वपूर्ण रहा। इसमें विनोद आशरी के साथी पार्षद ही अब उनके खिलाफ खड़े हो गए हैं। पहले कुछ पार्षदों ने प्रधान पूनम सैनी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उन्हें पद से हटाने की योजना बनाई थी, लेकिन अब यह बाजी उलटी पड़ गई है। नए समीकरणों में पूनम सैनी को जिन पार्षदों का समर्थन मिला है, उनमें पार्षद प्रवीण बैनीवाल और उनकी माता संतोष कुमारी सबसे प्रमुख हैं। हालांकि अविश्वास प्रस्ताव को पास करने के लिए विरोधी खेमे को 24 पार्षदों की जरूरत है और 25 पार्षद डीसी से मिलने पहुंचे हैं। वहीं चेयरमैन पूनम सैनी का दावा है कि उनके साथ 26 पार्षद हैं।
बुलाई जाएगी बैठक
नगर परिषद के उप-प्रधान विनोद आसरी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस उन्हें मिला है। इस पर प्रधान पूनम सैनी समेत 25 पार्षदों के हस्ताक्षर हैं। जल्द नगर परिषद की विशेष बैठक इस मसले पर बुलाई जाएगी।
अमित खत्री, डीसी
स्वार्थ के चलते पार्षदों ने बदला पाला
कुछ पार्षदों ने उनके खिलाफ पाला बदलकर प्रधान पूनम सैनी का दामन अपने निजी स्वार्थों के लिए थाम लिया है। मेरी स्थिति मजबूत है। अविश्वास प्रस्ताव का सामना करने के लिए योजना बनाई जाएगी।
विनोद आशरी, उप प्रधान, नगर परिषद, जींद।
उप-प्रधान विनोद आसरी पक्ष में होते हुए भी विपक्ष की भूमिका निभा रहे थे। वह शहर के विकास में रोड़ा बन रहे थे और इस कारण ज्यादातर पार्षदों ने उन्हें पद से हटाने का फैसला लिया है।
पूनम सैनी, चेयरमैन, जींद नगरपरिषद।