मुख्यमंत्री के ओएसडी पहुंचे जलभराव का जायजा लेने
लिजवाना के, ग्रामीणों बोले, केवल कागजों में होती है ड्रेनों की सफाई
अमर उजाला ब्यूरो
जुुलाना।
क्षेत्र में बारिश से खेतों में भरे पानी का जायजा लेने के लिए सीएम के ओएसडी कैप्टन भूपेंद्र सिंह की टीम लिजवाना कलां गांव में पहुंची। यहां पर टीम ने खेतों में भरे हुए पानी का मुआयना किया और अधिकारियों को दो दिन के अंदर पानी निकालने के आदेश दिए। अमर उजाला ने जुलाना क्षेत्र में जलभराव के मामले को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद मुख्यमंत्री के ओएसडी भूपेंद्र सिंह ने रविवार को क्षेत्र का दौरान किया।
ग्रामीणों ने ओएसडी को बताया कि जुलाना क्षेत्र में ड्रेनों की सफाई केवल कागजों में ही होती है हकीकत में नहीं। केवल सड़क के एक किलोमीटर के दायरे में ड्रेन की सफाई की जाती है। पहली ही बारिश में जुलाना क्षेत्र में बारिश से यह हाल तो एक ओर बारिश से तो बाढ़ ही आ जाएगी। ग्रामीणों ने कहा कि अगर अधिकारी बारिश के मौसम से पहले योजना बनाते तो किसानों के फसल नहीं डूबती और ना ही हजारों रुपये खर्च कर उगाई गई फसल खराब होती। जुलाना में पिछले दिनों हुई तेज बारिश से दर्जनों गांवों में हजारों एकड़ फसल पानी निकासी का सही प्रबंध नहीं होने के कारण डूब गई है। इस अवसर पर उनके साथ जिलाध्यक्ष पुष्पा तायल, मार्केट कमेटी के चेयरमैन विष्णु शर्मा, निगरानी कमेटी के प्रमुख सतीश सांगवन, जिला पार्षद सतीश पहलवान मौजूद रहे थे।
100 क्यूसेक प्रतिदिन निकलाना चाहिए पानी
मार्केट कमेटी कार्यालय में सरपंच एवं ग्रामीण ओएसडी कैप्टन भूपेंद्र सिंह से मिले। जैजैवंती, करसोला, लिजवाना कलां, शामलो कलां, बिरौली, बुढ़ाखेड़ा सहित ग्रामीणों का कहना है कि शामलो कलां, करेला, रामकली, लिजवाना कलां में बने पंप हाउसों से प्रति पंप प्रतिदिन 15-20 क्यूसेक पानी निकलता है। लगभग 1500 एकड़ से ज्यादा में बारिश का पानी भरा है। अगर प्रतिदिन प्रति पंपों से 100 क्यूसेक पानी पंप हाउसों से निकाला जाए तब जाकर स्थिति काबू में आ सकती है। इसके लिए पंप हाउसों पर मोटरों की कैपेसिटी बढ़ाई जानी चाहिए।
ओएसडी के अधिकारियों को आदेश, दो दिन में निकालो पानी
जुलाना मार्केट कमेटी कार्यालय में सीएम ओएसडी कैप्टन भूपेंद्र ने अधिकारियों की क्लास ली और कहा कि तत्काल दो दिन के अंदर बरसात का पानी निकालो। भूपेंद्र सिंह ने कहा कि दो दिन के बाद में फिर वे क्षेत्र का दौरा करेंगे। तब तक हालत साधारण होने चाहिंए। ग्रामीणों और सरपंचों की समस्या को सुनने के बाद ओएसडी कैप्टन भूपेंद्र ने सिंचाई विभाग के एसडीओ, कार्यकारी अभियंता, अधीक्षक अभियंता, बिजली विभाग के एसडीओ, वाटर सर्विस मैकेनिकल के एसडीओ, कार्यकारी अभियंता एवं अधीक्षक अभियंता की बैठक ली। इस मौके पर जींद के एसडीएम अश्वनी मलिक, गोहाना की एसडीएम मौके पर मौजूद रही। यहां पर वाटर सर्विस मैकेनिकल और सिंचाई विभाग के अधिकारियों को आदेश देते हुए कहा कि चाहे पंप हाउस पर मोटर की संख्या बढ़ाई जाएं या क्षमता बढ़ाई जाए, लेकिन दो दिन के अंदर खेतों से पानी निकाल दिया जाना चाहिए। इसके अलावा एसडीएम को यह आदेश भी दिए गए कि वे गांव में कैंप के माध्यम से किसानों की फसल का बीमा करवाया जाएं ताकि समय बचने किसानों को किसी प्रकार का नुकसान न हो सके।
बिजली एसडीओ को पड़ी झाड़
बैठक में ओएसडी ने बिजली निगम के एसडीओ कृष्ण छिक्कारा को झाड़ लगाई और कहा कि मैंने दो बार आपको को फोन किया कि वह पोल हटा दो, लेकिन आप ने आज तक उस पर कार्रवाई नहीं की। आज सायं तक वह पाले हटा कर आप मुझे फोन करोगे। जब एसडीओ से पत्रकार ने इस बारे में पूछा गया कि वह कौन सा पोल है जिस पर आपको झाड़ लगाई गई है। एसडीओ ने जवाब दिया कि उन्हें, पता ही नहीं कि कौन सा पोल है।
फोटो केप्शन
23 जेएनडी08: गांव लिजवाना कलां में जलभराव की स्थिति का जायजा लेते मुख्यमंत्री के ओएसडी कैप्टन भूपेंद्र।
23जेएनडी09: लिजवाना गांव में किसान का हालचाल जानते हुए ओएसडी।
23जेएनडी10: जुलाना मार्केट कमेटी कार्यालय में बैठक ओएसडी भूपेंद्र, को जानकारी देते एसडीएम अश्वनी मलिक।