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बारदाना नहीं मिलने से मंडी में लगे गेहूं के पहाड़

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जींद। जींद सहित सभी खरीद केंद्रों और मंडियों में बारदाने की भारी किल्लत पिछले लगभग एक सप्ताह से चल रही है। अब इस समस्या से राहत दिलवाने के लिए मंडियों में पुराने बारदाने की दो हजार गांठ खरीदी जाएंगी। इस बारदाने से नया बारदाना आने तक काम चलाया जाएगा। मंडियों में बारदाना खत्म होने से लगभग तीन लाख क्विंटल गेहूं खुले में पड़ा है। खुले में पड़े इस गेहूं के कारण किसान और व्यापारी दोनों को भारी चिंता बनी हुई है। मौसम में बदलाव होने पर करोड़ों रुपये का गेहूं मंडी से पानी में बहकर जा सकता है। इस समस्या से आढ़ती और किसानों को राहत दिलवाने के लिए जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने दो हजार गांठ ( दस लाख बैग) रविवार को खरीदेगी, ताकि खुले में पड़ा गेहूं बोरियों में भरकर गोदामों में पहुंचाया जा सके।
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शनिवार तक मंडियों की हालात बारदाने की कमी और अनाज की अधिकता के कारण बदहाल बनी हुई थी। इसका दूसरा कारण उठान की गति कम होना भी है। किसान का गेहूं सड़कों पर खुला डलवाया गया है, जबकि एजेंसियों द्वारा खरीदा गया गेहूं बोरियों में भरकर मंडी में बने शैड के नीच रखा गया है। यह भी किसानों के साथ मंडी प्रशासन की बेमानी साबित हो रही है।
मंडी के गेट पर कांटे खराब होने के कारण निजी कांटों पर करवाना पड़ रहा तौल
मंडी प्रशासन की भारी लापरवाही तो यह है कि सरकार ने एक अप्रैल को मंडी में सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के आदेश दिए थे। इसके बावजूद शनिवार तक 27 दिन बीतने के बाद भी मंडी प्रशासन गेट पर लगे कांटों को ठीक नहीं करवा सका। इसके कारण हजारों किसानों को निजी कांटो पर तौल करवाना पड़ रहा है। इससे किसान की जेब खर्च भी बढ़ रहा है।
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दो हजार गांठ आज पहुंच जाएंगी मंडी में
मंडी में बारदाने की किल्लत से छुटकारा पाने के लिए दो हजार पुराने बारदाने की गांठ खरीदी जाएंगी, ताकि मंडी का काम सुचारू रूप से चलता रहे। इसके बाद कोलकाता से जो बारदाना चला हुआ है। वह पहुंच जाएगा और जिले भर की मंडियों में बारदाने की किल्लत नहीं रहेगी। -राजेश आर्य खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक, जींद।
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