आयु प्रमाण पत्र के लिए लघु सचिवालय पहुंचे 2750 बुजुर्ग, आवेदन के लिए भटकते रहे
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। समाज कल्याण विभाग द्वारा दी जाने वाली बुढ़ापा पेंशन का लाभ लेने के लिए शुक्रवार को लघु सचिवालय परिसर में हजारों की संख्या में वे बुजुर्ग धक्कामुक्की करते नजरे आए, जिनके पास आयु का कोई प्रमाण नहीं है। यह पिछले कई सालों से पेंशन बनवाने के लिए समाज कल्याण विभाग के चक्कर काट रहे थे।
समाज कल्याण विभाग से मिलने वाले बुजुर्ग सम्मान भत्ता के लिए आयु से संबंधित दस्तावेजों की जरूरत थी। इन लोगों के पास आयु प्रमाण नहीं था जिसके चलते विभाग ने इनकी आयु जांचने के लिए मेडिकल बोर्ड का गठन किया है। मेडिकल बोर्ड से आयु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए शुक्रवार को 2750 लोग लघु सचिवालय पहुंचे हुए थे। इससे पहले यह शिविर 14 दिसंबर को लगाया गया था। समाज कल्याण विभाग द्वारा बुजुर्गों की आयु जांचने के लिए प्रत्येक माह मेडिकल जांच शिविर लगाना होता है, लेकिन जनवरी में जींद में होने वाले उपचुनाव के कारण यह शिविर नहीं लगाया गया था। इसके कारण शुक्रवार को लगे इस शिविर में हजारों की संख्या में बुजुर्गों ने भाग लिया। बुजुर्गों को आयु जांच करवाने के लिए एक नहीं बल्कि तीन लाइनों में घंटों तक खड़ा होना पड़ रहा था। सबसे पहले तो इन बुजुर्गों को आयु जांच करवाने के लिए आवेदन लेने और उसमें अपनी जानकारी भरने के लिए लाइन में लगना, दूसरी तरफ इन आवेदनों की वेरिफिकेशन करवाने और इसके बाद अंतिम समय में बुजुर्गों को आयु की जांच के लिए अंत्योदय भवन में लाइनों में खड़ा होना पड़ा।
इन लाइनों में बुजुर्गों को खड़े होने में सबसे ज्यादा परेशानी हुई, क्योंकि एक लाइन में खड़ा होने के बाद कम से कम दो से तीन घंटे लगातार भारी भीड़ में इनको खड़ा रहना पड़ रहा था। जबकि बुजुर्गों के हालात दस मिनट से ज्यादा लाइन में खड़ा होने के नहीं थी। बुजुर्गों के लिए एक तरफ जहां समाज कल्याण विभाग ने आयु के दस्तावेज पूर्ण करवाने का मौका दिया था तो अपनी आयु की जांच के लिए बुजुर्गों में पहले आवेदन जमा करवाने के लिए उत्सुकता रही। ज्यादा संख्या में बुजुर्गों के पहुंचने के कारण कई घंटों तक इनको लंबी लाइन में इंतजार करना पड़ा। सुबह नौ बजे ही लघु सचिवालय परिसर बुजुर्ग पहुंचने लगे थे। एक तरफ तो इन लोगों के आवेदनों पर नंबर लगाए जा रहे थे तो दूसरी तरफ कुछ दूरी पर मेडिकल बोर्ड की टीम इनकी आयु को जांच कर दस्तावेजों पर लिखने का काम कर रही थी। इस कारण इन लोगों को दोहरी लाइन में लगना पड़ा। आयु ज्यादा होने के कारण इनके लिए सबसे बड़ी दिक्कत घंटों तक लाइनों में खड़ा होना ही थी। इस शिविर में जिले भर के सभी गांवों से बुजुर्ग आए हुए थे। जहां इन लोगों को यहां आकर लाइनों में लगना पड़ी परेशानी थी तो वहीं इनके लिए देर सांय वापस घरों को जाना भी एक नौबत बन गई। कुछ गांवों में रोडवेज विभाग की बसें नहीं जाती। अगर जाती है तो उनका समय अलग-अलग है। इन बुजुर्गों को पेंशन के लिए आयु के दस्तावेज बनवाना सबसे बड़ी परेशानी बनी।
जानकारी के अभाव में भटकते रहे बुजुर्ग
इस दौरान सैकड़ोें बुजुर्गों को आवेदन फार्म कहां से मिले, यह जानकारी नहीं थी। इसके लिए सीढ़ियों से कभी समाज कल्याण विभाग तो कभी नीचे चक्कर काटते रहे, जबकि आवेदन फार्म समाज कल्याण विभाग की तरफ से नीचे ही बंटवाए जा रहे थे।
2750 लोगों ने किया आवेदन
जिला समाज कल्याण अधिकारी सरोज देवी ने कहा कि मेडिकल बोर्ड ने लोगों की आयु की जांच की है। जो मेडिकल बोर्ड द्वारा पात्र पाए जाएंगे, उनकी एक लिस्ट 28 फरवरी को जारी की जाएगी। इसके बाद उनके आयु के प्रमाण-पत्र दे दिए जाएंगे। इसके बाद उनको ऑनलाइन आवेदन करना होगा और उनकी बुढ़ापा पेंशन बन जाएगी। आज 2750 लोगों ने मेडिकल बोर्ड के सामने आवेदन किया।