आंगनबाड़ी वर्कर एंड हेल्पर्स यूनियन ने मांगों को लेकर लघु सचिवालय के बाहर दिया धरना
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। लघु सचिवालय के बाहर मांगों को लेकर आंगनबाड़ी वर्कर एंड हेल्पर्स यूनियन ने एक दिवसीय धरने पर सरकार के खिलाफ कड़े तेवर दिखाए। धरने की अध्यक्षता राज्य महासचिव जगमती मलिक ने की।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम के तहत देश की आंगनबाड़ी वर्कर्स के साथ बड़ा मजाक किया है। उन्होंने मन की बात कार्यक्रम में 1500 रुपये वर्कर्स और 750 रुपये हेल्पर के वेतन में बढ़ोतरी का आश्वासन दिया था। मगर यह आश्वास मन की बात कार्यक्रम खत्म होने ही सरकार भूल गई।
जिला प्रधान राजबाला ने कहा कि प्रदेश सरकार वर्कर्स के साथ लगातार वायदाखिलाफी कर रही है। उन्होंने कहा कि 10 मार्च 2018 को यूनियन के साथ हुए समझौते में वर्कर्स को मजदूर का दर्जा देने का वायदा किया गया था। इसको भी अभी तक पूरा नहीं किया गया। इसके अतिरिक्त महिलाओं ने मांग की कि सुपरवाइजर के प्रमोशन के लिए 10 साल के अनुभव को कम करके पांच साल किया जाए। मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों को आंगनबाड़ी केंद्र बनाया जाए और हेल्पर की नियुक्ति की जाए, केंद्र सरकार की तरफ से मिलने वाले भत्ते को समय पर दिया जाए, बच्चों का खाना पकाने के लिए गैस सिलिंडर सरकार की तरफ से सप्लाई किया जाना चाहिए। केंद्रों पर अतिरिक्त हेल्पर की व्यवस्था की जाए। अतिरिक्त केंद्र का चार्ज संभालने वाली वर्कर को 50 प्रतिशत मानदेय अतिरिक्त दिया जाना चाहिए। रिटायरमेंट पर पेंशन की सुविधा दी जाए। शहर के आंगनबाड़ी केंद्र के लिए 5000 व ग्रामीण के लिए 1500 रुपये मासिक किराया दिया जाना चाहिए। इन सभी मांगों को लेकर आंगनबाड़ी वर्कर्स ने सीटीएम के माध्यम से सीएम के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि अगर 28 जनवरी तक मांगे पूरी नहीं हुई तो यूनियन सरकार के खिलाफ जींद उपचुनाव में मत का प्रयोग करेगी। इसके अतिरिक्त फरवरी में भारत बंद किया जाएगा। इस अवसर पर सविता ईक्कस भी मौजूद रही।