नागरिक अस्पताल में नहीं नेत्र रोग विशेषज्ञ, दो सहायक कर रहे मरीजों का इलाज
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन आने वाले लगभग 250 मरीजों को नेत्र रोग विशेषज्ञ नहीं होने के कारण परेशानी हो रही है। नागरिक अस्पताल का नेत्र विभाग अब केवल नेत्र चिकित्सक सहायकों के भरोसे चल रहा है। जो लोग अपनी आंखों की जांच करवाने या नजर के चश्मे लगवाने आते हैं, उनका इलाज तो नेत्र चिकित्सक सहायक कर देते हैं। लेकिन जिन लोगों को आंखों की गंभीर बीमारी है या ऑपरेशन करना है, उन्हें रोहतक पीजीआई या खानपुर पीजीआई रेफर करना पड़ता है। इससे लोगों के समय व धन दोनों की बर्बादी हो रही है। जिले में नरवाना, सफीदों व जींद के तीनों नागरिक अस्पतालों में से केवल नरवाना में ही नेत्र रोग विशेषज्ञ है। चार महीने पहले जींद के नागरिक अस्पताल को मिले दोनों नेत्र रोग विशेषज्ञों ने अपना ट्रांसफर करवा लिया था। इसके बाद यहां कोई नेत्र रोग विशेषज्ञ मौजूद नहीं है।
जींद के नागरिक अस्पताल में तीन नेत्र रोग विशेषज्ञों के पद हैं। यह पद कई महीनों से खाली पड़े थे। 10 जून 2018 को काफी लंबे इंतजार के बाद डॉ. विकास बंसल ने नागरिक अस्पताल में नेत्र रोग विशेषज्ञ के रुप में कार्यभार संभाला। इससे मरीजों को काफी राहत मिली। इसके बाद 22 जून को डॉ. गिन्नी लांबा ने ज्वाइन किया। नागरिक अस्पताल में दो-दो नेत्र रोग विशेषज्ञ होने से मरीजों की समस्याएं लगभग दूर ही हो गई। दो-दो चिकित्सकों के होने के कारण लोगों की आंखों के समय पर ऑपरेशन होने शुरू हो गए। यह सिलसिला ज्यादा लंबा नहीं चला और 21 अगस्त को डॉ. गिन्नी लांबा ने अपना ट्रांसफर नागरिक अस्पताल जींद से सोनीपत में करवा लिया। इसके बाद बचे एकमात्र नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. विकास बंसल ने भी सोमवार को अपना ट्रांसफर डबवाली करवा लिया। दोनों चिकित्सकों के जाने के बाद फिर से अपनी आंखों के इलाज के लिए आने वाले मरीजों को परेशानी हो गई। प्रतिदिन नागरिक अस्पताल में लगभग 250 लोग अपनी आंखों का इलाज करवाने आते हैं। इनमें से 40 प्रतिशत बुजुर्ग लोग अपनी आंखों का इलाज करवाने आते हैं, जिनको ऑपरेशन की जरूरत होती है।
मंगलवार को नागरिक अस्पताल नरवाना के एसएमओ देंगे जींद में सेवाएं
नागरिक अस्पताल नरवाना के एसएमओ एवं नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. देवेंद्र बिंदलिस अब हर मंगलवार को जींद में अपनी सेवाएं देंगे। पहले भी जब जींद में नेत्र रोग विशेषज्ञ नहीं होने पर वे हर मंगलवार को जींद में आंखों के ऑपरेशन करने आते थे। डॉ. देवेंद्र बिंदलिस हर बुधवार को भी जींद में दिव्यांगों के प्रमाण-पत्र बनाने के लिए गठित टीम के सदस्य हैं। इसलिए वे हर बुधवार को दिव्यांगों के प्रमाण-पत्र बनाने के लिए आते हैं।
नागरिक अस्पताल में आंखों की जांच के लिए आई थी। मेरी एक आंख का ऑपरेशन हो चुका है। अब दूसरी आंख का ऑपरेशन करवाना है। यहां आने पर अब यह लोग कह रहे हैं कि यहां कोई चिकित्सक नहीं है। इसलिए आप रोहतक या खानपुर पीजीआई में जाओ। अब मैं कहां-कहां धक्के खाऊंगी। इनको तो कहने में जरा सी बात लगती है।
- रानी,
मजबूरी में नेत्र सहायकों को ही आंखें दिखानी पड़ रही है। जो नेत्र रोग विशेषज्ञ को जानकारी होती है, वह सहायकों को नहीं हो सकती। इसलिए नेत्र सहायकों से आंखें चेक करवाने पर संतुष्टि नहीं मिली। अब मजबूरी में प्राइवेट चिकित्सकों के पास जाना पड़ेगा।
- रणधीर, झांझ निवासी
नागरिक अस्पताल में तैनात दोनों नेत्र रोग विशेषज्ञों का यहां से ट्रांसफर हो गया है। अब हर मंगलवार को नरवाना से एसएमओ डॉ. देवेंद्र बिंदलिस जींद के नागरिक अस्पताल में अपनी सेवाएं देंगे। नागरिक अस्पताल में जिन-जिन चिकित्सकों के पद खाली हैं, समय-समय पर इसके लिए स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय को पत्र लिख कर अवगत करवाया जाता है। जल्द ही नागरिक अस्पताल को नेत्र रोग विशेषज्ञ मिल जाएंगे।
- डॉ. राजेश भोला, मेडिकल सुप्रीटेंडेंट, नागरिक अस्पताल जींद।