अमर उजाला ब्यूरो
जींद। इंडस्ट्रियल एरिया में प्लाट नंबर 72 से 77 नंबर में स्थित हरियाणा लेदर केमिकल लिमिटेड कंपनी में सुबह साढ़े दस बजे आग लग गई। कंपनी के दो गोदामों में आग लगने से यहां रखा करोड़ों रुपये का केमिकल व अन्य उपकरण जल गए। जहां पर आग लगी वहां से महज 10 मीटर की दूरी पर ही केमिकल से भरे बड़े टैंक रखे थे। यदि इनमें आग लग जाती तो बड़ा हादसा हो सकता है और शहर व आसपास के गांव भी चपेट में आ सकते थे। फायर ब्रिगेड की चार गाड़ियों ने तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। अभी तक आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। शहर थाना पुलिस इसकी जांच कर रही है। जिला अग्निशमक अधिकारी प्रेमचंद का कहना है कि उन्हें फैक्टरी में अग्नि सुरक्षा इंतजामों की जानकारी नहीं है। इससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल उठ रहे हैं।
फरवरी 1985 में शहर के इंडस्ट्रियल एरिया में हरियाणा लैदर केमिकल की स्थापना हुई थी। कंपनी चमड़े के केमिकल का कारोबार करती है। यहां पर कच्चा केमिकल लाया जाता है और उसे तराश कर नया केमिकल बनाया जाता है। यह केमिकल चमड़े के रंग बदलने के काम आता है। यह केमिकल बहुत खतरनाक होता है व जल्दी आग पकड़ लेता है। इस केमिकल का अधिकतर प्रयोग चमड़े के जूते बनाने में प्रयोग किया जाता है। कंपनी प्रति वर्ष 60 करोड़ रुपये का कारोबार करती है। सुबह कंपनी मैनेजर एमके सिंह के पास कंपनी के साथ लगते पेट्रोल पंप मालिक ने फोन करके सूचना दी कि उनकी कंपनी से धुआं निकल रहा है। फैक्टरी प्रबंधक एमके सिंह ने अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को मौके पर भेजा और सूचना फायर ब्रिगेड को दी। कंपनी के दो गोदामों में आग लगी थी जिनमें कच्चा माल रखा था। इनमें कुछ केमिकल पाउडर के रूप में तथा कुछ केमिकल तरल था। देखते ही देखते धुएं का गुबार चारों तरफ फैल गया। जींद, जुलाना से पहुंची फायर ब्रिगेड की चार गाड़ियों ने आग को काबू करना शुरू किया। इसके साथ-साथ लोगों व कंपनी कर्मचारियों ने आग बुझाने के प्रयास किए। सुबह 10 बजे कंपनी में आग लगी और एक बजे के आसपास पर आग पर काबू पाया गया। कंपनी अधिकारियों के अनुसार जिन दो गोदामों में आग लगी उनमें बिजली की कोई व्यवस्था नहीं था। इसलिए बिजली के शॉर्ट सर्किट से आग लगने का खतरा नहीं था। कंपनी के मैनेजर एमके सिंह ने कहा कि उनकी कंपनी की दीवार के पास एक कबाड़ी ने अपना सामान रखा हुआ था। वह कई बार इसमें आग भी लगा देता था। इस बारे में उन्होंने कई बार पुलिस को शिकायत भी की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। मैनेजर ने कहा कि हो सकता है आग कबाड़ी के यहां से आकर लगी हो। सुबह हवा भी तेज चल रही थी। हालांकि आग लगने के कारणों की जांच की रही है। कंपनी मैनेजर एमके सिंह ने कहा कि जिन दो गोदामों में आग लगी है, उसमें लाखों रुपये का कच्चा माल था। इसमें पाउडर केमिकल व लिक्विड केमिकल था। लाखों रुपये के ड्रम व कैन भी रखे थे। एक गोदाम में फोर लिफ्टर रखा था, जो सामान को लोड व अनलोड करने के काम आता है। इसकी कीमत ही उन्होंने लगभग 30 लाख रुपये बताई। कुल मिलाकर करोड़ों रुपये का नुकसान होने की आशंका है।
छुट्टी होने के कारण नहीं था कोई कर्मचारी
कंपनी में शनिवार व रविवार को छुट्टी होता है। इसलिए जिस समय आग लगी, उस समय केवल गेटमैन ही कंपनी में मौजूद था। वर्किंग-डे में कंपनी में लगभग 105 कर्मचारी काम करते हैं। यदि कर्मचारी काम करते तो कोई जानी नुकसान भी हो सकता था।
60 करोड़ का टर्न ओवर एक साल में
हरियाणा लैदर केमिकल कंपनी एक वर्ष में 60 करोड़ रुपये का काम करती है। कंपनी का नेटवर्क 16 देशों में है। इन देशों में कंपनी केमिकल का एक्सपोर्ट करती है व वहां से ही रॉ मैटीरियल इंम्पोर्ट किया जाता है। जो सामान जला वह इंपोर्टेड था। इसलिए नुकसान ज्यादा हुआ है।
500 टन केमिकल है कंपनी में मौजूद
जो कच्चा माल जला वह महज 100 टन के आसपास था। इसके अलावा कंपनी में 500 टन केमिकल तैयार है, जो टैंकों में मौजूद है। 10 टैंक आग लगने वाली जगह से महज 10 मीटर की दूरी पर थे जबकि 20 टैंक अंडरग्राउंड हैं। यदि इनमें आग लग जाती तो आग लगने से जहरीली गैस बनती है, जो बड़ी त्रास्दी का कारण बन सकती थी।
200 मीटर दूर पेट्रोल पंप व गैस एजेंसी
कंपनी के जिस गोदाम में आग लगी, उससे महज 200 मीटर दूर एक तरफ पेट्रोल पंप है वहीं दूसरी तरफ 200 मीटर दूर भारत गैस का गोदाम है। इन सब बातों से यह सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि यदि आग पेट्रोल पंप व गैस गोदाम तक पहुंच जाती तो हादसा कितना बड़ा हो सकता था।
आग बुझाते समय कर्मचारी के पांव जले
जिस समय कंपनी में आग लगी हुई थी, उस समय एक कंपनी कर्मचारी के आग बुझाते समय पांव जल गए। दूसरे कर्मचारियों ने उसको उठाकर इलाज के लिए नागरिक अस्पताल पहुंचाया।
फैक्टरी के फायर सेफ्टी सिस्टम पर भी सवाल
हालांकि कंपनी के अधिकारियों ने कहा कि कंपनी में लगे सभी फायर सेफ्टी सिस्टम सही हैं और वे सही काम कर रहे हैं, लेकिन फायर सेफ्टी सिस्टमों की हालत देखकर ऐसा लगता है कि वे काम नहीं कर रहे हैं। उनके बॉक्स टूटे पड़े हैं व कई जगह केवल खाली बॉक्स ही दिखाई दे रहढे हैं। यहां लगे उपकरणों की हालत सही स्थिति बयान कर रही है।
कबाड़ी को भी हुआ हजारों का नुकसान
कंपनी की दीवार के साथ लगते कबाड़ी के गोदाम में भी आग लग गई थी। इससे यहां रखा हजारों रुपये का कबाड़ जलकर राख हो गया।
डीएसपी ने किया कंपनी का दौरा
डीएसपी परमजीत समोता ने कंपनी का दौरा कर पुलिस कर्मचारियों को आगजनी की घटना की पूरी जानकारी जुटाने व आग लगने के कारणों का पता लगाने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। आग लगने के कारणों का पता लगाया जाएगा।
फायर ऑफिसर को नहीं पता एनओसी बारे
हरियाणा लेदर केमिकल में लगी आग के बारे में जब फायर ऑफिसर ताराचंद से बात की तो उन्होंने कहा कि उन्होंने एक सप्ताह पहले ही जींद का एडिशनल चार्ज संभाला है। उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि कंपनी ने फायर सेफ्टी एनओसी ले रखी है या नहीं। उनके उपकरण काम कर रकहे हैं या नहीं।