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विरोध में पार्षदों का अनशन जारी

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पार्षदों का अनशन दूसरे दिन भी जारी
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। जिला परिषद को मिली विकास राशि का समान वितरण नहीं होने के आरोप लगाकर अनशन कर रहे जिला पार्षद सतपाल संगतपुरा और अमित निडानी का अनशन वीरवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। कई संगठनों के लोगों ने इनका समर्थन किया। इस दौरान आजाद किसान मिशन के अध्यक्ष संदीप भारती ने भी अनशन पर पहुंचकर पार्षदों का समर्थन किया। वहीं जिला परिषद चेयरमैन पदमा सिंगला ने पार्षदों के आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
इस दौरान सतपाल संगतपुरा ने कहा कि जिला परिषद को मिली ग्रांट में भारी भेदभाव हुआ है। उन्होंने कहा कि कई ऐसे पार्षद हैं, जिनके वार्ड को जानबूझकर ग्रांट जारी नहीं की गई। इन लोगों ने कहा कि हैरानी की बात है कि सरकार सबका साथ सबका विकास की बात करती है, लेकिन सरकारी राशि में भारी भेदभाव को लेकर पार्षद अनशन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह मामला उन्होंने अधिकारियों के समक्ष उठाया था, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब उन लोगों अनशन शुरू कर दिया है तो भी प्रशासन कोई सुध नहीं ले रहा है। जिला पार्षद सतपाल संगतपुरा और अमित निडानी ने कहा कि जब तक उनके वार्ड की जनता को न्याय नहीं मिलेगा, वे आंदोलन जारी रखेंगे।
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एक बड़े राजनेता की शह पर हो रहा है सब कुछ
पार्षदों की भूख हड़ताल के मद्देनजर जिला परिषद चेयरमैन पदमा सिंगला ने कहा कि भूखहड़ताल पर बैठे जिला पार्षदों व उनका साथ देने वाले जिला पार्षद एक बड़े नेता की शह पर ऐसा कर रहे हैं। पदमा सिंगला ने कहा कि उनके पास पिछले साल तीन करोड़ रुपये की ग्रांट आई थी, इसमें से प्राथमिकता के आधार पर ग्रामीण विकास पर खर्च किया गया। जिला काफी बड़ा होने के कारण यह राशि नाकाफी थी, इसीलिए जिला ग्रामीण विकास योजना के अंतर्गत 300 करोड़ रुपये की योजना तैयार कर सरकार के पास भेजी गई है, सरकार से इस योजना के स्वीकृत होते ही और पैसा उपलब्ध होते ही इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा। इस योजना में जिले का एक भी गांव विकास से अछूता नहीं रहेगा। जैसे-जैसे पैसा मिलेगा, विकास के काम करवाए जाएंगे। पदमा सिंगला ने साफ किया कि जो लोग भूख हड़ताल पर बैठे हैं, उनके वार्डों में भी काम हुए हैं और जो उनके साथ बैठे हैं, उनके वार्डों में काम काफी ज्यादा हुए हैं। इसका पूरा रिकार्ड जिला परिषद में है। उन्होंने कहा कि ये लोग खुद के बूते पर नहीं बल्कि एक राजनीति एजेंडा के तहत एक बड़े नेता के कहने पर भूखहड़ताल कर रहे हैं। उनके आरोप गलत हैं और उन्होंने जिला परिषद चेयरपर्सन के नाते बिना किसी भेदभाव के काम करवाए हैं।
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