दहाड़ मारकर बोली महिला, जींद की पुलिस में सभी भ्रष्टाचारी हैं
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। जिला परिवेदना एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक बुधवार को डीआरडीए हाल में हुई। इस दौरान वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने 16 शिकायतों को सुना और इस पर कार्रवाई के आदेश दिए। एक मामले में वित्तमंत्री जांच अधिकारी बदलने का निर्देश दिया।
परिवेदना समिति के एजेंडा की शिकायत नंबर 12 में सेक्टर आठ निवासी राजबाला ने कहा कि एक निजी हाऊसिंग सोसायटी में प्लाट देने के नाम पर उनके साथ 19 लाख रुपये की ठगी की गई। मामले को उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष भी उठाया था और इसकी शिकायत सीएम विंडो पर भी दी है। आरोप है कि पांच माह बाद भी पुलिस ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की है। महिला का कहना है कि अशोक गौतम, गजेंद्र गौतम, सुधीर गौतम और दयाकिशन नामक लोगों ने उसके अनपढ़ पति को दो प्लाट देने के नाम पर 19 लाख रुपये की ठगी की है। आरोप है कि पुलिस ने आरोपियों के साथ मिलकर इस मामले में कोई जांच नहीं की। राजबाला ने वित्तमंत्री के सामने ही जब डीएसपी कप्तान सिंह जांच की जानकारी दे रहे थे, आरोप लगाया कि पुलिस उल्टा उनके ऊपर ही चुप रहने का दबाव बना रही है। पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में दोनों पक्षों के बीच समझौता होने की बता कही है, लेकिन ऐसा नहीं है।
जब वित्तमंत्री पीड़िता का पक्ष सुन रहे थे, तो महिला भावुक हो गई और दहाड़ मारकर कर कहा, जींद की पुलिस में सभी भ्रष्टाचारी हैं। ऐसे में इस मामले की जांच दूसरे अधिकारी से होनी चाहिए। वित्तमंत्री ने एसएसपी अरुण कुमार को जांच अधिकारी बदलने के आदेश दिए।
सीडी का जिक्र ही नहीं
मामले की सुनवाई के दौरान महिला ने कहा कि उन्होंने पुलिस को एक सीडी भी दी है, जिसकी जांच पुलिस ने नहीं की है। इस पर वित्तमंत्री ने पूछा कि सीडी में क्या है। इसके जवाब में डीएसपी कप्तान सिंह ने कहा कि इसमें पीड़ित को धमकी दी गई है। ऐसे में वित्तमंत्री ने आदेश दिए कि वह पीड़ित परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करें। यदि कोई भी व्यक्ति, कर्मचारी या अधिकारी उन्हेें धमकाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
बधाना गांव की पंचायती जमीन से कब्जा हटवाने के आदेश
एक शिकायत में बधाना गांव निवासी सतीश कुमार ने गांव की पंचायती जमीन पर कब्जा करने का मामला उठाया। इस पर अधिकारियों ने अपना पक्ष रखा, लेकिन वे वित्तमंत्री को संतुष्ट नहीं कर पाए। इस पर वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि अधिकारी सरकारी जमीनों पर किसी भी सूरत में अवैध कब्जे नहीं होने देें। अगर कहीं अवैध कब्जे होने की शिकायत मिले तो इस पर तुरंत कार्रवाई अमल में लाएं। उन्होंने कहा कि अवैध कब्जों को हटवाने में अधिकारियों का ढुलमुल रवैया किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बोले ग्रामीण यदि ऐसा मिला तो जुर्माना भरने का तैयार
एक शिकायत में निडानी गांव निवासी सत्यवान और बारुराम ने गली से गंदे पानी की उचित निकासी नहीं होने की बात कही। इस पर जब बीडीपीओ को जवाब के लिए बुलाया गया तो उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता ने मिट्टी डालकर पानी रोक रखा है। इस पर सत्यवान ने कहा कि मौका देखा जाए, यदि ऐसा मिलता है तो वह दस लाख रुपये जुर्माना देने को भी तैयार हैं। इस बीडीपीओ से कोई जवाब देते नहीं बना। वहीं वित्तमंत्री ने परिवेदना समिति के सदस्य रामफल शर्मा को इस मामले की जांच के लिए नियुक्त किया।
मेडिकल कॉलेज के निर्माण की औपचारिकताएं पूरी
मीटिंग के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि मेडिकल कॉलेज बनाने को लेकर लगभग सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं। जल्द ही इसके निर्माण के लिए निविदाएं आमंत्रित की जाएंगी। जींद में इस मेडिकल कालेज के बनने से जींद जिला के ही नहीं बल्कि आसपास के कई जिलों के लोगों को फायदा पहुंचेगा। उन्होंने जींद बाईपास को लेकर कहा कि इसका निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। बाईपास के निर्माण को और तेजी से पूरा करवाया जाएगा। इस दौरान वित्तमंत्री ने 1957 में हुए हिंदी आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले जिला के 19 आंदोलनकारियों को स्मृति चिंह देकर सम्मानित किया।
निजी स्कूल संचालकों से सौंपा ज्ञापन
इस दौरान निजी स्कूल संचालकों ने वित्तमंत्री को ज्ञापन सौंप कर स्कूलों के लिए बनाई गई नियमावली में रियायत देने की मांग की। स्कूल संचालकों ने कहा कि जो शर्तें सरकार ने तय की हैं, वे निजी स्कूलों के लिए पूरी करना मुश्किल है। इस पर वित्तमंत्री ने आश्वासन दिया कि वे उनकी मांगें शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री तक पहुंचा देंगे। इस दौरान रमेश सैनी, सुभाष श्योराण, दीपक कौशिक सहित कई संचालक मौजूद रहे।