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अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
सात साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार जिला के लोगों को नए अस्पताल की सौगात इसी सप्ताह मिलने की उम्मीद बंधी है। अस्पताल का नया भवन बनकर तैयार हो गया है और 25 करोड़ से बन कर तैयार हुए नए भवन मेें इसी सप्ताह शिफ्टिंग शुरू हो जाएगी। इसके लिए लग से मोर्चरी के पास से गोहाना रोड पर रास्ता बनाया जाएगा। इसके लिए पीडब्ल्यूडी बीएंडआर ने प्रक्रिया शुरू कर दी है।
जींद के अतिरिक्त 100 बेड के अस्पताल की घोषणा तीन जून 2012 को तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने की थी। इसके बाद छह दिसंबर 2013 को इस कार्य की अलॉटमेंट हुई। कार्य पूरा करने के लिए 20 जून 2015 का समय निर्धारित किया गया। इसके बाद कार्य बढ़ने की वजह से काम पूरा करने की डेट भी 31 मार्च 2016 तक बढ़ा दी गई। इसके बाद काम बढ़ने से बजट की कमी पड़ गई और यह काम अधर में लटक गया और 31 अगस्त 2016 की तारीख तय की गई, लेकिन फिर भी बजट पूरा नहीं मिला। इसके बाद जींद विधानसभा क्षेत्र की मीटिंग के दौरान मुख्यमंत्री ने फिर से अस्पताल के लिए बजट की घोषणा की और अब यह बनकर तैयार हो गया है।
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बॉकस
बढ़ेंगे चिकित्सकों के पद
फिलहाल जिला स्तर पर 100 बेड का अस्पताल है। यहां स्वीकृत चिकित्सों के पद भी इसी अनुरूप हैं। नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों के 44 पद स्वीकृत हैं, लेकिन 200 बेड के अस्पाल के शुरू होने पर इनकी संख्या 55 हो जाएंगी। हालांकि अस्पताल चिकित्सकों की कमी झेल रहा है। ऐसे में अस्पताल के नए भवन के शुरू होने से लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिलने की उम्मीद हैं।
यह मिलेंगी सुविधाएं
नए भवन में चिकित्सकों के अलावा मरीजों के लिए भी काफी सुविधाएं होंगी। अस्पताल के एक ब्लॉक में 14 ओपीडी कक्ष हैं। इसके अलावा चिकित्सकों और स्टाफ के लिए भी सुविधाएं हैं। बी ब्लॉक में आठ वार्ड और दो नर्सिंग कक्षों के अलावा अन्य सुविधाएं भी हैं। बी ब्लॉक में ही चार ऑपरेशन थियेटर होंगे, जबकि पुराने भवन में महज दो ऑपरेशन थियेटर हैं।
गायनी वार्ड की सुधरेगी हालात
सबसे अधिक परेशानी फिलहाल गायनी वार्ड में आ रही है। कई बार अधिक डीलिवरी आने से एक-एक बेड पर दो-दो जच्चा रखनी पड़ती हैं। नया भवन शुरू होने के बाद यहां काफी सुविधाएं मिल सकेंगी।

एमआरआई की दरकार
फिलहाल अस्पताल में एमआरआई मशीन की भी दरकार है। इसके लिए मुख्यमंत्री द्वारा घोषणा भी की जा चुकी है, लेकिन पुराने भवन में इसके लिए सही जगह नहीं होने के कारण यह परियोजना लटकी हुई है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार नया भवन प्रयोग में आने के बाद एमआरआई मशीन भी लग सकती है।
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अस्पताल के निर्माण का काम पूरा हो चुका है। अब इसी सप्ताह स्वास्थ्य विभाग इसे अपने अधीन ले लेगा और शिफ्टिंग का काम शुरू हो जाएगा। हालांकि यहां चिकित्सकों की कमी है, लेकिन नया भवन मिलने से मरीजों को कई प्रकार की अतिरिक्त सुविधाएं मिल सकेंगी। नए भवन के लिए गोहाना रोड से सीधा रास्ता जोड़ने के लिए अलग गेट बनाया जाएगा, इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है।
डॉ. संजय दहिया, सिविल सर्जन।
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