अमर उजाला ब्यूरो
जींद
एक साल पहले उचाना नगर पालिका की चेयरपर्सन बनीं वीना रानी के खिलाफ पार्षदों ने मोर्चा खोल दिया है। 10 पार्षद चेयरपर्सन के खिलाफ अविश्वास पत्र लेकर बुधवार को डीसी अमित खत्री से मिलने पहुंचे। पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव की बैठक करवाने की मांग की है। बुधवार को डीसी अमित खत्री के दरबार में नपा उपप्रधान रणधीर सिंह के नेतृत्व में वार्ड-2 के पार्षद विद्या प्रकाश, वार्ड-3 से कमलेश रानी, वार्ड-4 विकास, वार्ड-6 की रेखा रानी, वार्ड-8 की रेखा देवी, वार्ड-10 नीलम, वार्ड-11 की गुरमीत, वार्ड-12 की मुकेश रानी, वार्ड-13 की राजेश कुमारी सहित 10 पार्षदों ने नपा चेयरपर्सन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की बैठक कराने की मांग की। उन्होंने कहा है कि प्रधान अपनी मनमाफिक कार्य कर रही हैं। किसी भी कार्य में किसी भी पार्षद से कोई राय नहीं की जाती। इस कारण विकास कार्यों में पारदर्शिता नहीं है। उचाना शहर में होने वाले सभी कार्यों में भेदभाव किया जा रहा है।
दो करोड़ के पेमेंट पर है विवाद
यह मामला नगरपालिका के खाते से दो करोड़ रुपये के पुराने भुगतान का है। मार्च में पुलिस ने चेयरपर्सन सहित 10 नपा के अधिकारियों, कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। मामले की जांच एसडीएम डॉ. किरण सिंह भी कर चुकी हैं। इसके आधार पर केस दर्ज किया गया है। इसमें पुलिस ने नपा चेयरपर्सन वीना रानी, तत्कालीन सचिव राजेंद्र सिंह, हंसराज, अमन ढांडा, तत्कालीन अभियंता आरडी गोयल, नितेश कुमार, कनिष्ठ अभियंता राजेश दलाल, विजय धीमान, आरओ चंद्रभान, सेवादार राजकुमार के खिलाफ केस दर्ज किया है। गौरतलब है कि यह मामला केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह के सामने आने पर उन्होंने जांच के आदेश दिए थे।
सभी आरोप बेबुनियाद
यहां सिर्फ सत्ता की लड़ाई चल रही है। पार्षदों के बहुमत से मैं चेयरपर्सन बनी हूं। आगे भी पार्षदों को ही फैसला करना है। किसी भी काम में कोई गड़बड़ी नहीं है। कुछ लोग जानबूझ कर गलत काम करवा रहे हैं। अविश्वास प्रस्ताव का सामना किया जाएगा। -वीना रानी, चेयरपर्सन, उचाना नगरपालिका।
उचाना नपा चेयरपर्सन के खिलाफ 10 पार्षदों ने खोला मोर्चा
डीसी के दरबार पहुंचकर अविश्वास प्रस्ताव की बैठक करवाने की मांग