फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एफपीओ से प्रदेशभर के 80 हजार किसान जुड़कर उठा रहे लाभ : कृषि मंत्री

विज्ञापन
किसानों द्वारा लगाए गए स्टॉल पर उत्पाद की गुणवत्ता जांचते कृषिमंत्री जयप्रकाश दलाल। - फोटो : Jind
विज्ञापन
कृषि कानून भविष्य में किसानों की दशा सुधारने में मील के पत्थर साबित होंगे। इस समय प्रदेशभर के 80 हजार किसान एफपीओ (किसान उत्पादक संगठन) से जुड़कर लाभ उठा रहे हैं। एफपीओ किसानों से फसलें खरीद कर कंपनियों को बेचेगा। इससे किसान अपनी फसल की कीमत खुद तय करेगा। यह बात प्रदेश के कृषि मंत्री जयप्रकाश दलाल ने एक होटल में समृद्ध किसान, सशक्त भारत कार्यक्रम के तहत जुटे प्रदेशभर के एफपीओ को संबोधित करते हुए कही। इस मौके पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ भी मौजूद रहे।
विज्ञापन

कृषि मंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव के लिए केंद्र और राज्य सरकार ठोस कदम उठा रही हैं। इसके परिणाम स्वरूप प्रदेश की कृषि व्यवस्था तेजी से बदल रही है, जिसका किसानों को फायदा मिलेगा। सरकार ने 500 एफपीओ बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जो लगभग पूरा हो चुका है। एफपीओ एक ऐसी व्यवस्था है, जो किसानों से फल, सब्जी, फूल, मछली व बागवानी से संबंधित फसलों को खरीदकर सीधे कंपनियों को बेचता है। इससे किसान को अपनी फसलों की अच्छी कीमत मिलेगी। अब शानदार कार्य करने वाले एफपीओ को स्टार रेटिंग भी दी जाएगी। प्रदेश के 90 एफपीओ ऐसे हैं, जिन्होंने अपने कार्यालय भी स्थापित कर लिए हैं।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि आज का युग मार्केटिंग का है। जो किसान अपने उत्पाद को बेचना सीख लेगा, उसका समृद्ध व खुशहाल बनाना निश्चित है। किसानों को चाहिए कि वह बढ़िया गुणवत्ता के उत्पाद तैयार करें। उनकी अच्छी प्रकार से मार्केटिंग करें। दिल्ली के नजदीक होने का किसानों को बहुत बड़ा फायदा मिलेगा। बाजार की मांग के अनुरूप फसलें तैयार करें और इनकी बिक्री भी सही ढंग से खुद ही करें तो उनको अच्छा मुनाफा होगा।
विज्ञापन

इस अवसर पर विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा, कवल सिंह चौहान, डॉ. अर्जुन सैनी, भाजपा जिला प्रधान राजू मोर, संजय पंवार, जवाहर सैनी, टेकराम कंडेला, पूर्व विधायक जसबीर देशवाल, सीआरएसयू के कुलपति राजबीर सोलंकी, असीम जांगड़ा, जितेंद्र चहल समेत कृषि व बागवानी से जुड़े अधिकारी भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें