दो पार्टियों ने रैली के माध्यम से किया शक्ति प्रदर्शन, तीसरी ने किया रोड शो
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। जींद विधानसभा के उपचुनाव में अंतिम दिनों में सभी पार्टियों ने अपनी-अपनी शक्ति का प्रदर्शन करना शुरू कर दिया है। इसके माध्यम से सभी पार्टियां यह दिखाने का प्रयास कर रही हैं कि किसमें कितना दम है। शुक्रवार को कांग्रेस ने हैबतपुर रोड पर रैली करके अपनी ताकत दिखाई तो भाजपा ने भी कदमताल ठोकते हुए नई सब्जीमंडी में रैली करके अपना वर्चस्व स्थापित करवाने की कोशिश की। लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी ने शहर में रोड शो किया। जननायक जनता पार्टी शनिवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाला की पुरानी अनाज मंडी में रैली करके अपनी ताकत दिखाएगी। इसमें इनेलो ने अभी तक न तो रोड शो किया और न ही कोई रैली की। सभी पार्टियां मतदाताओं को अपनी-अपनी ताकत दिखाकर अपनी और खीचंने का प्रयास कर रही है। यह तो 31 जनवरी का दिन ही बताएगी कि कौन सी पार्टी में कितना दम है।
बतातें चलें कि 28 जनवरी को जींद उपचुनाव के लिए मतदान होना है। मुख्य रुप से पांच पार्टियां इस चुनावी मैदान में अपनी-अपनी जीत का दावा कर रही हैं। कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने सभी कांग्रेसी नेताओं को एक मंच पर लाकर साबित कर दिया कि कांग्रेस में एकजुटता है। हालांकि शुक्रवार को हुई कांग्रेसी की रैली में पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा, रणदीप के खासमखास माने जाने वाले कलायत से विधायक जयप्रकाश, जिसका जींद में काफी वजूद है, पिछड़ों की राजनीति करने वाली राज्यसभा सदस्य कुमारी शैलजा रैली में नहीं पहुंची। इसके बावजूद बाकी राजनेताओं ने रणदीप सिंह सुरजेवाला की रैली में पहुंचकर एकता का परिचय दिया। इसी प्रकार भाजपा ने भी नई सब्जीमंडी में रैली की। मुख्यमंत्री से लेकर सभी मंत्री व भाजपा के पदाधिकारी इस रैली में पहुंचे। इस रैली में केवल स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज नहीं पहुंचे। इस प्रकार भाजपा नेताओं ने जींद में विकास के बड़े-बड़े दावे किए और आगे भी जींद का विकास निरंतर करवाने के वायदे किए। अब देखना यह है कि 31 जनवरी को जींद की जनता इन वादों व दावों पर कितना भरोसा करती है। वहीं सांसद राजकुमार सैनी ने अपनी लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी के प्रत्याशी पंडित विनोद आशरी के लिए समर्थन मांगने के लिए शहर में रोड शो निकाला। अब तक कमजोर माने जाने वाली लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी के रोड शो को देखते हुए जींद की जनता ने यह मान लिया है कि लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी के उम्मीदवार पंडित विनोद आशरी किसी भी सूरत में कमजोर नहीं हैं। उन्होंने उपचुनाव के राजनीतिक समीकरण ही बदल दिए हैं। अब सभी पार्टियों खासकर भाजपा को विनोद आशरी का डर सताने लगा है। जननायक जनता पार्टी शनिवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की रैली करके शहर के लोगों को लुभाने की कोशिश करेगी। यदि इस रैली में खासी भीड़ रही तो जननायक जनता पार्टी का शक्ति प्रदर्शन भी कामयाब रहेगा। वहीं दूसरी तरफ इनेलो ने अब तक न तो शहर में कोई रोड शो किया है और न ही कोई रैली की है। 26 जनवरी का दिन ही प्रचार के लिए आखिरी दिन है। इसलिए इनेलो शायद इस प्रकार का कोई कार्यक्रम नहीं कर रही।