अस्थाई नंदीशाला में दूसरे दिन भी गोवंश की मौत
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। देश और प्रदेश में गायों की दशा सुधारने के मुद्दे को प्रमुखता से उठाकर सत्ता में आई बीजेपी राज में सबसे ज्यादा बुरी दशा गायों की हो रही है। प्रदेश में पहली बार गो सेवा आयोग ने गायों के लिए हॉस्टल बनाने के बडे़-बड़े दावे करने वाली सरकार जींद की नंदीशाला में लगातार गोवंश की मौतों पर चुप्पी साधे हुए है। सरकार की अव्यवहारिकता का अंदाजा इसी बात से लगता है कि सरकार और जिला प्रशासन इस मामले में कोई संज्ञान नही ले पाए है। लगातार दूसरे दिन भी जींद की अस्थाई नंदीशाला में गोवंश का मरना जारी रहा और कई गाय व सांड़ तिल-तिल मरने को मजबूर है। दूसरे दिन भी जिंदा गायों को कुत्ते व पक्षी नोंचते दिखाई दिये। इसके अलावा कई गोवंश पानी में तड़फते मिले। कर्मचारियों और अधिकारियों ने इस मामले में गायों की दशा सुधारने में किसी भी प्रकार की जहमत नही उठाई। हांलाकि इस मामले में आज जींद में आए सीएम मनोहर लाल ने पूरे मामले में कड़ा संज्ञान लेने की बात कही है। गौरतलब है कि पिछले करीब दो माह में जींद की इस अस्थाई नंदीशाला में करीब 200 गोवंशो की मौत हो चुकी है। मिडिया द्वारा यह मामला प्रमुखता से उठाने के बाद भी किसी भी कर्मचारी व अधिकारी ने यहां इनकी हालत सुधारने में कोई प्रयास करने तक की जहमत नही उठाई। नंदीशाला में सैंकड़ो गोवंश की हालत दयनीय हो चली है। गायों के लिए चारे की भी कमी है। हांलाकि आज जींद मे आए मुख्यमंत्री मनोहर लाल नेे कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में आया है और उन्होंने जिला प्रशासन को इसमें गायों के लिए उचित चारे व अन्य सुविधाएं देने के आदेश दिए है। उन्होंने कहा कि इसमें जो भी लापरवाही हुई है उस पर कड़ा संज्ञान लिया जाएगा।
मीडिया से उलझे कर्मचारी
इस मामले में दूसरे दिन भी गोवंश के मरने की सूचना पर जब मीडिया के दो साथी अस्थाई नंदीशाला में पंहुचे तो वहां मौजूद एक कर्मचारी बलवंत वीएलडीए ने उन्हें रोकने का प्रयास किया और धमकी दी। जब ये मृत गोवंश के फोटो खिंचने लगे तो इन दोनो ने इनके साथ हाथापाई करने की कोशिश कर मोबाइल छीनने का प्रयास किया। यहां मौके पर मौजूद कई राहगीरों ने इन कर्मचारियों को खरी-खोटी सुनाई और मीडिया के काम की सराहना की। इन लोगों ने कर्मचारियों की लापरवाही की वजह से गोवंश मरने के आरोप लगाए।
इस बारे में जब डीसी अमित खत्री से बात की गई तो उन्होंने कहा की ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ये तो जन सेवा का काम है इसे तो अच्छे तरीके से करना चाहिए और जो भी समस्या आ रही है है उसे जल्दी ही दूर कर दिया जाएगा।