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जींद। 20 दिन के असमंजस की स्थिति के बाद नगरपरिषद के उप प्रधान की तस्वीर साफ हो ही गई। उप प्रधान विनोद आसरी की कुर्सी चली ही गई। अविश्वास प्रस्ताव से पहले भले ही विनोद आसरी प्रस्ताव का सामना करने का दावा कर रहे थे, लेकिन वे मतदान के समय नगरपरिषद में ही नहीं पहुंचे। नगरपरिषद में मतदान के लिए 31 में से 26 पार्षद पहुंचे और सभी ने विनोद आसरी के खिलाफ मतदान किया। अब विनोद आसरी के उप प्रधान पद से हटने के बाद पार्षद नए उप प्रधान के चुनाव की तैयारी कर रहे हैं।
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दरअसल 25 पार्षदों ने 20 सितंबर को उप प्रधान विनोद आसरी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस डीसी अमित खत्री को सौंपा था। इस पर सोमवार को मतदान हुआ। हालांकि मतदान से पहले विनोद आसरी ने डीसी अमित खत्री से मिलकर त्यागपत्र देने का प्रयास किया, लेकिन समय की कमी के चलते उनका त्याग पत्र मंजूर नहीं हो सका। ऐसे में साढ़े 11 बजे एसडीएम वीरेंद्र सहरावत ने नगरपरिषद में जाकर मतदान की प्रक्रिया को 30 मिनट में पूरा करा दिया।
पार्षद ने की हाथ उठवाने की अपील, एसडीएम बोले- मतदान होगा
जिस समय एसडीएम वीरेंद्र सहरावत मतदान के लिए नगरपरिषद पहुंचे तो पार्षद हरेंद्र उर्फ काला सैनी ने प्रस्ताव रखा कि सभी पार्षद एक ही पक्ष के बैठे हैं, ऐसे में हाथ उठाकर फैसला किया जाना चाहिए। इस पर एसडीएम वीरेंद्र सहरावत ने कहा कि पक्ष तो मन में होता है। यदि बाहर जाकर कोई पार्षद पलट गया तो उनके पास क्या सबूत होगा। इसके बाद मतदान करवाया गया, जिसमें सदन में मौजूद सभी 26 पार्षदों ने उप प्रधान विनोद आसरी के खिलाफ मतदान किया।
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प्रवीण बेनिवाल हो सकते हैं नए उप प्रधान
विनोद आसरी के उप प्रधान पद से हटने के बाद अब नए उप प्रधान का चुनाव करने के लिए जोड़तोड़ शुरू हो गया है। हालांकि अभी पार्षद किसी भी नाम को आगे नहीं कर रहे हैं, लेकिन सूत्रों के अनुसार पार्षद प्रवीण बेनिवाल का उप प्रधान बनाया जा सकता है। प्रवीण बेनिवाल पहले चेयरमैन पूनम सैनी के विरोधी गुट में होते थे, लेकिन अब विनोद आसरी को पद से हटाने में प्रवीण बेनिवाल की भूमिका अहम रही है। प्रवीण बेनिवाल और उनकी मां दोनों ही पार्षद हैं। ऐसे में प्रवीण बेनिवाल के पास दो वोट खुद के हैं।

शुरू करेंगे प्रक्रिया
उप प्रधान को हटाने के बाद अब पार्षदों के मन टटोले जाएंगे। अभी किसी भी नाम पर उप प्रधान के लिए कोई चर्चा नहीं है। जैसी पार्षदों की सहमति बनेगी, उसके अनुसार ही आगे की कार्रवाई होगी।
पूनम सैनी, चेयरमैन, नगरपरिषद, जींद।

छह पार्षदों ने दिया धोखा
छह पार्षदों ने मुझे मेरे पक्ष में मतदान का आश्वासन दिया था, लेकिन ऐन मौके पर वे लोग बदल गए। ऐसे में मैं सोमवार सुबह त्यागपत्र के लिए डीसी ऑफिस गया था, लेकिन यह मंजूर नहीं हुआ। पार्षदों के यूं बदलने के कारण ही मैं प्रस्ताव में शामिल नहीं हुआ। यह मतों का मामला है, पार्षदों को जो ठीक लगा उन्होंने किया।
विनोद आसरी, पूर्व उप प्रधान, नगरपरिषद जींद।

नगरपरिषद में मना जश्न
मतदान के बाद जैसे ही विनोद आसरी को उप प्रधान पद से हटाने की सूचना बाहर आई, उनके विरोधी खेमे ने नगपररिषद कार्यालय में ही ढोल और ताशों के साथ जश्न मनाया। इस दौरान नगरपरिषद की चेयरमैन पूनम सैनी, उनके पति और भाजपा के प्रदेश सचिव जवाहर सैनी के साथ पार्षदों ने नाच कर खुशी मनाई।

कुछ पार्षदों ने उप प्रधान विनोद आसरी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव दिया था। इस पर सोमवार को मतदान हुआ। उनके खिलाफ 26 पार्षदों ने मतदान किया है। इस पर उन्हें पद से हटा दिया गया है। नए उप प्रधान के लिए प्रक्रिया की जाएगी।
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वीरेंद्र सहरावत, एसडीएम, जींद।
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