फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jind News: प्रतिदिन 65 उठा 125 क्विंटल कूड़ा दिखा घोटाला करने का आरोप

Wed, 31 Jan 2024 01:14 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
विज्ञापन
30जेएनडी06 : डीसी मोहम्मद इमरान रजा को ज्ञापन सौंपते टीम जींद सुधार के सदस्य। संवाद
विज्ञापन
जींद। शहर से कूड़ा उठान को लेकर समय-समय पर आरोप लगते रहे हैं। अब मंगलवार को टीम जींद सुधार के कार्यकर्ताओं ने कूड़ा उठान में बड़े घोटाले का आरोप लगाया है। टीम के सदस्यों ने नगर परिषद की चेयरपर्सन और विधायक पर सवाल उठाते हुए कहा कि इनकी मिलीभगत से शहर से प्रतिदिन 65 क्विंटल कूड़े का उठान कर उसको 125 क्विंटल दिखाया जा रहा है। कूड़ा उठाने का टेंडर तौल के हिसाब है, इसलिए कमीशन के चक्कर में यह ज्यादा दिखाया जा रहा है।
विज्ञापन

उनका आरोप है कि हर वर्ष करोड़ों रुपये कूड़ा उठाने पर खर्च होते हैं, लेकिन स्वच्छता रैंकिंग में जींद शहर नीचे जा रहा है। टीम जींद सुधार ने मुख्यमंत्री से इस मामले में संज्ञान लेते हुए श्री श्याम एसोसिएट कंपनी को ब्लैकलिस्ट करते हुए जांच की मांग की है। बाद में टीम के सदस्यों ने मांगों का ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम डीसी मोहम्मद इमरान रजा को सौंपा।
टीम जींद सुधार सदस्य सुनील वशिष्ठ, अन्ना टीम प्रधान प्रवीण सैनी, चंद्रकांत अंबानी, रविंद्र बहबलपुर, सचिन शर्मा तथा देव जांगड़ा ने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि एक साधारण सी फर्म सफाई के नाम पर चंद ही दिनों में करोड़ों की मालिक बन गई है। शहर में 2015-16 में घर-घर से कूड़ा उठाने का जो ठेका 6-7 लाख रुपये महीना था, वह आज 85 लाख रुपये महीना पहुंचा दिया है। हर हाल में ठेका इसी कंपनी को दिया जा रहा है। दूसरी कंपनियों को तकनीकी खामी के चलते बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता है। जींद शहर में सबसे अधिक 2300 रुपये प्रति क्विंटल कूड़े का उठान किया जाता है। इतना अधिक रेट होने के बावजूद कूड़े का भार अधिक दिखाया जाता है। प्रतिदिन शहर से 65 क्विंटल कूड़ा निकलता है, लेकिन इसे 125 क्विंटल दिखाया जाता है। टीम जींद सुधार ने आरोप लगाया कि यह ठेका केवल पैसे कमाने के लिए दिया जाता है, न कि सफाई करने के लिए।
विज्ञापन

बॉक्स
पैसे देकर कूड़ा उठवा रहे लोग
टीम जींद सुधार के सदस्यों ने कहा कि ठेकेदार की गाड़ियां केवल अनाउंसमेंट के लिए ही घूमती हैं। सेक्टरों में रहने वाले लोग पैसे देकर निजी लोगों से कूड़ा उठवा रहे हैं। इतना ही नहीं जब यह निजी लोग कूड़े का निस्तारण करने जाते हैं तो ठेकेदार डंपिंग साइट पर कूड़ा डालने की एवज में पैसे लेता है और इस कूड़े का वजन भी शहर के कूड़े में जोड़ देता है। इससे लोगों के साथ-साथ नगर परिषद को भी मोटा चूना लगाया जा रहा है।
बॉक्स
नहीं होता अलग-अलग कूड़ा
सदस्यों ने आरोप लगाया कि ठेकेदार कूड़े का सही ढंग से निस्तारण नहीं करता है। नियमों के अनुसार सूख तथा गीला कूड़ा अलग-अलग रखना चाहिए, लेकिन ऐसा कुछ नहीं होता। एक साथ ही कूड़े को उठाया जा रहा है। इसके बाद जब कूड़े के निस्तारण का समय आता है तो इसके बदले नगर परिषद को मोटा चूना लगाया जा रहा है।
वर्जन

सफाई का ठेका छोड़ने के लिए राज्य सरकार की गाइडलाइन है। पूरे प्रदेश में यही गाइडलाइन लागू होती है। स्थानीय स्तर पर कुछ नहीं होता। जो भी आरोप लगा रहे हैं, वह बेबुनियाद हैं। गाइडलाइन के अनुसार ही सफाई करवाई जा रही है। -डॉ. अनुराधा सैनी, चेयरपर्सन, नगर परिषद जींद।

30जेएनडी06 : डीसी मोहम्मद इमरान रजा को ज्ञापन सौंपते टीम जींद सुधार के सदस्य। संवाद

30जेएनडी06 : डीसी मोहम्मद इमरान रजा को ज्ञापन सौंपते टीम जींद सुधार के सदस्य। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें