जुलाना की मंडी में अब तक तीन लाख 63 हजार क्विंटल धान की खरीद हो चुकी है। बुधवार को धान के भाव में उछाल आया। धान की साफ-सुथरी ढेरी 2450 रुपये प्रति क्विंटल बिकी। यह अब तक के सीजन सबसे ज्यादा भाव है। प्रतिदिन औसतन मंडी में 18 हजार के करीब धान आ रही है। मंडी में पीआर किस्म की आवक काफी कम हो गई है। बासमती धान सबसे ज्यादा आ रही है। जुलाना मंडी में तीन लाख 20 हजार क्विंटल बासमती, 14 हजार क्विंटल सरबती, 25 हजार क्विंटल पीआर तथा पांच हजार 1509 किस्म की खरीद मंडी में हो चुकी है। मंडी में तीन अक्तूबर को धान की खरीद शुरू हुई थी। इस दिन केवल पीआर किस्म की मंडी में आई थी। 21 अक्तूबर को बासमती किस्म मंडी में आई और 2140 रुपये तक बिकी। इसके बाद 2200-2300 प्रति क्विंटल के आसपास धान के भाव रहे। बुधवार को भाव में कुछ उछाल आया और धान की फसल 2450 रुपये तक बिकी। भाव में कुछ उछाल आने से किसानों के चेहरे पर रौनक देखी गई। किसानों कहा कि अब बार धान की फसल घाटे का सौदा साबित हो रही है। बीमारी ने उनकी फसल को बर्बाद कर दिया। अब मंडी में भाव कम मिलने से जो खर्चा धान की फसल पर लगाया है वह भी नहीं मिल पाया है। मंगलवार को धान की ढेरी 2371 रुपये प्रति क्विंटल तक बिकी थी
बुधवार को धान के भाव में उछाल आया। धान की साफ-सुथरी ढेरी 2450 रुपये प्रति क्विंटल बिकी। प्रतिदिन औसतन मंडी में 18 हजार के करीब धान आ रही है। मंडी में पीआर किस्म की आवक काफी कम हो गई है।