वक्फ बोर्ड की जमीन पर कब्जा दिलाने गया प्रशासनिक अमला खाली हाथ लौटा
अमर उजाला ब्यूरो
सफीदों। वक्फ बोर्ड की जमीन पर कब्जा दिलाने गए प्रशासनिक अधिकारियों को खाली हाथ लौटना पड़ा। कब्जा कार्रवाई में ड्यूटी मजिस्ट्रेट के रूप में नायब तहसीलदार रामपाल को नियुक्त किया गया। उनके साथ भारी पुलिस बल होने के बावजूद कब्जा नहीं दिला पाए। दरअसल कस्बे की गोशाला मार्ग पर रामा कॉलोनी में खसरा नंबर 196 में वक्फ बोर्ड की 3144 गज जमीन खाली पड़ी है। इस पर आसपास के दर्जनों परिवारों ने कई वर्षों से कब्जा किया हुआ है। कई बार अनेक लोगों ने इस जमीन पर कब्जा लेने का प्रयास किया, लेकिन उक्त लोगों ने जमीन को खाली नहीं किया।
अब अलेवा निवासी अनिल ने वक्फ बोर्ड के अधिकारियों से पट्टानाम लिया हुआ है। पट्टानामा के अनुसार अनिल ने कोर्ट से गुहार लगाई। कोर्ट ने जमीन पर कब्जा दिलाने के आदेश दिए। आदेशों की पालना करते हुए अधिकारियों ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट के रूप में नायब तहसीलदार रामपाल को नियुक्त किया। नायब तहसीलदार रामपाल ने बताया कि वे लोग कोर्ट के आदेशों की पालना कर रहे है, लेकिन कुछ लोग उनके साथ ही झगड़े पर उतारू हो गए। इसलिए वह वापस लौट आए। यह पूरी कार्रवाई अदालत में रखी जाएगी, उसके बाद कोर्ट के जो भी आदेश होंगे, अमल मेें लाए जाएंगे। लोगों का नेतृत्व कर रहे कांग्रेस नेता नरेश जांगड़ा ने कहा कि भाजपा सरकार लोगों को उजाड़ने का कार्य कर रही है। इस जमीन पर वर्षों से गरीब लोगों का कब्जा है। यहां रहकर वे गुजर-बसर कर रहे हैं। एक तरफ तो सरकार गरीबों लोगों को आवास देने का वायदा कर रही है, वहीं दूसरी ओर पुलिस को भेज कर जमीन खाली करवा रही है।
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