फसल बीमा के फार्म नहीं हुए जमा, किसानों ने की नारेबाजी
अमर उजाला ब्यूरो
जींद (उचाना)। पिछले दिनों हुई तेज बारिश से खराब हुई कपास की फसल के लिए मुआवजे के आवेदन करने पहुंचे किसानों को उस समय निराशा हाथ लगी, जब कृषि विभाग के अधिकारियों ने कहा कि अब 48 घंटे से अधिक का समय हो चुका है और नियमानुसार आवेदन नहीं हो सकता। इस पर लोगों ने कृषि विभाग के कार्यालय के बाहर नारेबाजी की।
किसान संदीप, सुलतान, बलजीत, रामकुमार, सतीश ने कहा कि बारिश का पानी खेतों में भरने से फसल खराब हो गई है। फसल का बीमा होने के बाद भी उनके फार्म जमा नहीं किए जा रहे है। फार्म जमा करने को लेकर जो नियम है उसको लेकर किसानों को पता नहीं है। पहले बैंक से स्टेटमेंट लेकर आनी पड़ती है। उपमंडल कार्यालय में फर्द भी कई दिनों में मिलती है। ऐसे में किसान फार्म कब जमा करवाए। उन्होंने कहा कि बारिश और तेज हवाओं ने उनकी फसल को खराब कर दिया है। अब तक फार्म जमा करवाने कृषि विभाग कार्यालय आ रहे है तो यहां पर फार्म जमा करने में नियमों का तर्क दिया जा रहा है। विभाग पहले नियमों के बारे में किसानों को जानकारी देता। किसानों को नियमों का पता नहीं है ऐसे में जो कागजात विभाग मांगता है वो कागजात लेकर किसान कार्यालय पहुंच रहे है। खंड कृषि अधिकारी डॉ. रमेश खटकड़ ने कहा कि सभी किसानों के फार्म ले लिए गए है। बीमा कंपनी का नियम है कि बारिश के 48 घंटे के बाद फार्म जमा करवाना होता है।