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50 साल पुरानी कॉलोनी में दोबारा करवाई जा रही रजिस्ट्री, डीसी दरबार में पहुंचे लोग

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अमर उजाला ब्यूरो
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जींद। जुलाना की लक्ष्मण कॉलोनी में रहने वाले 500 से अधिक परिवार अजीबोगरीब संकट में फंस गए हैं। इन लोगों का कहना है कि उन्होंने 1962 में वहां प्लाट खरीदे और रजिस्ट्री करवाई, लेकिन अब कुछ लोग इस जमीन को दोबारा बेच रहे हैं। ऐसे में लोग नई रजिस्ट्री दिखाकर उनसे कब्जे लेने की बात कर रहे हैं। आरोप है कि यह राजस्व विभाग के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से हो रहा है। यह लोग बुधवार को डीसी अमित खत्री के दरबार पहुंचे, जहां से उन्हें जिला राजस्व अधिकारी के पास भेज दिया गया। अब पूरे मामले की जांच की जाएगी।
लक्ष्मण कॉलोनी के लोगों का कहना है कि 1962 में कटी कॉलोनी की रजिस्ट्री तो उनके पास है, लेकिन इस जमीन का इंतकाल नहीं हुआ है। ऐसे में अधिकारियों से मिलीभगत कर कुछ लोगों ने गलत तरीके से इस जमीन का इंतकार करवा लिया है। लोगों ने कहा कि यह लोग भू माफिया हैं और अधिकारियों से मिल कर उन्हें 50 साल पहले खरीदी गई जमीन से बेदखल करना चाहते हैं। ऐसे में कुछ मकानों की गलत तरीके से रजिस्ट्री करवाई गई है। लक्ष्मण कॉलोनी निवासी प्रीतम ने बताया कि उसके पिता रमेश चंद ने 1999 में यहां प्लाट खरीदा। 200 गज के प्लाट की रजिस्ट्री भी करवाई गई। अब कुछ लोगों ने करीब एक माह पहले फिर से इसी जमीन की रजिस्ट्री करवा ली है। जबकि यह प्लाट उसकी मां संतोष देवी के नाम से है।
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1662 में लोगों ने सरोज देवी से प्लाट खरीदे थे। इसके बाद उनका इंतकाल नहीं किया गया। अब सरोज देवी के वंशजों ने इस जमीन को बेच दिया है। हालांकि पहले से रजिस्ट्री हुई है, लेकिन इंतकाल नहीं होने के कारण इसका राजस्व रिकार्ड सरोज देवी के नाम से ही चल रहा है। अब लोग हाल में हुई रजिस्ट्री को रद्द करवाना चाहते हैं, लेकिन इसका अधिकारी सिविल कोर्ट को है। फिर भी सभी रजिस्ट्री रख ली हैं और इस मामले की जांच की जा रही है।
-रामफल कटारिया, जिला राजस्व अधिकारी।
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