अमर उजाला ब्यूरो
जींद। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा कि वर्ष 2016 में प्रदेश भाजपा नेताओं की आपसी खींचतान के कारण जला। भाजपा में हर कोई सीएम बनना चाहता है, और अपने आपको जनता का लीडर साबित करके वहां तक पहुंचने की कोशिश करता रहा। प्रदेश को जलाने में भाजपा नेताओं का हाथ होने के प्रूफ सीएम को दिल्ली में हुई बैठक में सौंपे गए। मलिक यहां एक होटल में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
यशपाल मलिक ने कहा कि 14 फरवरी 2016 को प्रदेश के कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ के एक रिश्तेदार ने जाटों के नाम पर एक संगठन खड़ा करके रोहतक में आंदोलन शुरू करवा दिया, ताकि बाद में सरकार से समझौता करवाकर वह लीडर बन सके। इसके बाद आंदोलन बढ़ गया और सरकार ने समझौते के प्रयास किए, लेकिन आंदोलनकारी इस नेता से बेकाबू हो गए और आंदोलन बढ़ गया। सरकार अपने लोगों से बातचीत का प्रयास करती रही लेकिन आंदोलनकारियों से कोई बात नहीं की। इस कारण मामला बढ़ता गया। इसी प्रकार 19 फरवरी को रोहतक से भाजपा के मनीष ग्रोवर ने अपने घर बैठक करके भाजपा कार्यकर्ताओं को आंदोलन भड़काने के लिए प्रेरित किया। यशपाल मलिक ने कहा कि इससे पहले दिसंबर 2015 में एक शादी समारोह में खुद वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने उनसे कहा कि था कि प्रदेश में कुछ खुड़का-दुड़का करवाओ।
कैप्टन अभिमन्यु ने की फंडिंग, बराला ने की साजिश
मलिक ने कहा कि 14 अगस्त 201 7 को भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला ने अपने निवास स्थान पर बैठक करके उनकी समैण गांव में रैली पर एक साजिश के तहत हमला करवाया था। इस मामले की पूरी फंडिंग वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने की। सुभाष बराला व कैप्टन अभिमन्यु भी खुद को सीएम का दावेदार पेश करना चाहते थे तथा कुछ जाट नेताओं को अपने पक्ष में करके मास लीडर बनना चाहते थे लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। यशपाल मलिक ने कहा कि उन्होंने इन सब बातों के प्रूफ खुद मुख्यमंत्री को दिल्ली में हुई बैठक में सौंपे हैं, जिन्हें खुद मुख्यमंत्री ने भी स्वीकार किया है।