- 26 पार्षदों के समर्थन का दावा करने वाली प्रधान समर्थित सीमा को दो वोट से हराया
अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
नगर परिषद के उप-प्रधान पद के चुनाव में बड़ा फेरबदल देखने को मिला। रातों-रात समीकरण बदले और सोमवार तक 26 पार्षदों का दावा करने वाली प्रधान पूनम सैनी और उनके पति भाजपा नेता जवाहर सैनी समर्थित सीमा को दो वोट से हार झेलनी पड़ी। सोमबीर पहलवान गुट के राजेश ने 17 वोट लेकर जीत दर्ज की। उनकी जीत के साथ उनके समर्थित पार्षदों ने मिठाइयां बांटकर और गुलाल लगाकर जश्न मनाया। साथ ही प्रधान के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जल्द ही बदलाव के संकेत दिए।
करीब दो महीने पहले उप-प्रधान और वार्ड 15 से पार्षद विनोद आसरी ने प्रधान के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। जिसके बाद उन्हें उप-प्रधान पद से हटा दिया गया था। उसके बाद से पद खाली थी। उप-प्रधान पद के चुनाव के लिए मंगलवार का दिन तय किया गया था। इससे पहले रविवार को ही नप चेयरमैन पूनम सैनी ने बैठक कर सर्वसम्मति से वार्ड आठ से पार्षद सीमा को उप-प्रधान बनाने की बात कही थी, और 26 पार्षदों के समर्थन की बात कही थी।
मंगलवार को उप-प्रधान पद के चुनाव के लिए प्रक्रिया सुबह करीब 11 बजे शुरू हुई। पहले सर्वसम्मति से उप-प्रधान की चर्चाएं थीं, मगर सोमबीर पहलवान गुट के वार्ड छह से पार्षद सुभाष जांगड़ा ने उप-प्रधान पद के लिए दावा किया। जिसके बाद पार्षदों में बहस भी हुई। विनोद आसरी ने सुभाष जांगड़ा के नाम का प्रपोजल रखा तो गुलशन आहुला ने सीमा का नाम सुझाया। जिसके बाद चुनाव करवाया गया।
एसडीएम और तहसीलदार की देखरेख में एक घंटे तक चुनाव प्रक्रिया चली। सभी 31 पार्षदों के अलावा विधायक डॉ. हरिचंद मिड्ढा ने भी मतदान किया। चुनाव के बाद मतगणना हुई तो सभी हैरान रह गए। सुभाष को 17 वोट मिले और सीमा जिनका लगभग उप-प्रधान बनना तय माना जा रहा था, उन्हें 15 वोट मिले। जिसके बाद सुभाष समर्थित पार्षद खुशी से झूम उठे।
जीत से झूमे समर्थक
चुनाव से पूर्व वार्ड आठ से पार्षद सीमा को तय उप-प्रधान माना जा रहा था। ऐसे में वह, नप चेयरमैन पूनम सैनी और उनके समर्थित पार्षद खुशी-खुशी चुनाव प्रक्रिया में पहुंचे। चुनाव के बाद नजारा एकदम बदला था। जब पार्षद सीमा, चेयरमैन पूनम सैनी बाहर निकले उनके चेहरे मुरझाए हुए थे। वहीं पार्षद सुभाष और उनके समर्थित पार्षद खुशी से झूमते हुए बाहर निकले।
रातों रात साथ छोड़ गए 11 पार्षद
नप चेयरमैन पूनम सैनी और उनके पति भाजपा नेता जवाहर सैनी ने रविवार को बैठक की थी। जिसमें वार्ड आठ से पार्षद सीमा को सर्वसम्मति से उप प्रधान बनाने की बात कही थी। बैठक में 26 पार्षदों ने उन्हें समर्थन दिया था। मगर रातों रात 11 पार्षद उनका साथ छोड़ दूसरे खेमे में जा मिले।
दिया करारा जवाब
यह मेरे अकेले की नहीं बल्कि पूरी जींद की जीत है। भ्रष्टाचार मुख्य मुद्दा था और भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए पार्षद मेरे साथ जुड़े। नप में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार व्याप्त है। कमीशनखोरी का खेल चल रहा है। उनकी जीत भ्रष्टाचार को करारा जवाब है। हमारा प्रयास रहेगा कि भ्रष्टाचार को खत्म कर समान विकास कार्य करवाए जाए।
सुभाष जांगड़ा, नवनिर्वाचित उप प्रधान
नप में आज गुंडागर्दी, तानाशाही चल रही है। आज से बड़े बदलाव की शुरूआत हुई है। शहर में विकास कार्य हो नहीं रहे। कमीशनखोरी का खेल चल रहा है। पूरा शहर परेशान है। जल्द ही और बड़े बदलाव सामने आएंगे।
विनोद कुमार आसरी, पूर्व उप-प्रधान
पार्षद वार्ड 15
लोकतंत्र में सभी को अपने मत का प्रयोग करने का हक है। उन पर लगाए जा रहे भ्रष्टाचार, विकास कार्य नहीं कराने के आरोप झूठे है। कोई साबित करके दिखाए। यह तो सबको पता है कि किस तरह भ्रष्टाचार से सब कुछ अचानक बदला है। मगर यहां गुंडाराज नहीं होने देंगे।
पूनम सैनी, चेयरमैन, नगर परिषद