आरटीआई की सुनवाई पर अनुपस्थित रहने पर नगरपरिषद के कार्यकारी अधिकारी के वारंट जारी
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। आरटीआई की सूचना नहीं देने और सुनवाई पर मौजूद नहीं रहने पर राज्य सूचना आयुक्त भूपेंद्र धर्मानी ने नगरपरिषद के कार्यकारी अधिकारी डॉ. एसके चौहान के वारंट जारी किए हैं। अब अगली सुनवाई पर उनको लाने के लिए पुलिस को आदेश जारी किए गए हैं। यदि अगली सुनवाई पर भी कार्यकारी अधिकारी नहीं पहुंचते हैं तो आयोग उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए सरकार को लिखेंगे।
दरअसल हनुमान गली निवासी एक व्यक्ति ने जमीन की पैमाइश के मामले की सूचना नगरपरिषद से मांगी थी। इस पर लगातार सूचना नहीं मिलने पर शिकायत राज्य सूचना आयोग को भेजी गई। सूचना आयुक्त भूपेंद्र धर्मानी के अनुसार पिछली सुनवाई पर भी कार्यकारी अधिकारी नहीं पहुंचे थे और इस पर उन्हें कारण बताओ नोटिस देते हुए मंलवार को सुनवाई पर मौजूद रहने को कहा गया था, लेकिन वे नहीं पहुंचे। ऐसे में उनके खिलाफ वारंट जारी किए गए हैं। वहीं पटियाला चौक निवासी विरेंद्र जांगड़ा की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए राज्य सूचना आयुक्त ने कार्यकारी अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अब इन सभी मामलों की सुनवाई 28 नवंबर को करने के लिए तारीख तय की गई है। दरअसरल विरेंद्र जांगड़ा ने फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों को नगरपरिषद में काम पर लगाने के बारे में सूचना मांगी थी। विरेंद्र जांगड़ा द्वारा लगाई गई अपील में कहा गया है कि जब ये कर्मचारी नगरपरिषद में काम कर रहे हैं तो उनको फायर ब्रिगेड से भुगतान क्यों किया जा रहा है। इस पर सूचना नहीं दिए जाने पर उन्होंने 24 नवंबर 2016 को प्रथम अपील सिटीएम कार्यालय में लगाई। यहां से भी कोई जवाब नहीं मिलने पर इसी साल 17 फरवरी को यह मामला राज्य सूचना आयोग के पास भेजा गया। इस पर सुनवाई के लिए राज्य सूचना आयोग ने मंगलवार की तारीख तय की थी। राज्य सूचना आयुक्त भूपेंद्र धर्मानी जींद पहुंचे, लेकिन नगरपरिषद के कार्यकारी अधिकारी डॉ. एसके चौहान सुनवाई के लिए नहीं आए। इस पर राज्य सूचना आयुक्त ने कार्यकारी अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
मंगलवार को सुनवाई के लिए 19 शिकायतें रखी थी। इनमें से आधी शिकायतों का निपटारा हो गया है। शेष को 28 नवंबर की सुनवाई के लिए तारीख तय की गई है। नगरपरिषद के कार्यकारी अधिकारी सुनवाई के लिए नहीं पहुंचे, ऐसे में एक मामले में उनको वारंट जारी किए गए हैं, दूसरे मामले में कारण बताओ नोटिस भेजा गया है।
भूपेंद्र धर्मानी, राज्य सूचना आयुक्त।
मेरी जानकारी में इस प्रकार का कोई मामला नहीं है। न ही सुनवाई के लिए कोई सूचना दी गई थी। नगरपरिषद में कोई भी आरटीआई पेंडिंग नहीं है। यदि किसी ब्रांच के स्तर पर काम अटका है तो शिकायतकर्ता को तुरंत सूचना दिलवाई जाएगी।
डॉ. एसके चौहान, कार्यकारी अधिकारी नगरपरिषद जींद।