संवाद न्यूज एजेंसी
जींद/बहादुरगढ़। दिल्ली-संगरूर नेशनल हाईवे पर हुए एक हादसे ने हरियाणा और पंजाब दोनों राज्यों की पुलिस की टेंशन बढ़ा दी। जींद जिले के गांव झांझ कलां के पास बुधवार को हाईवे पर एक मिनी ट्रक पलट गया। इसमें लोड प्रतिबंधित पशुओं की 5615 किलो खाल बिखर गई। दुर्गंध ने भी लोगों का सांस लेना दूभर कर दिया। आनन-फानन में मौके पर पहुंची पुलिस ने गाड़ी के मालिक और ड्राइवर समेत 3 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। यह घटना मृत पशुओं की तस्करी और गोकुशी की तरफ इशारा कर रही है।
पकड़े गए लोगों में भवानीगढ़ निवासी किरनजीत, समाना के गुरमत और विक्रम शामिल हैं। पुलिस को बुधवार देर शाम पशुचर्म से लदा एक मिनी ट्रक (महिंद्रा पिकअप)पलट जाने से ट्रैफिक बाधित होने की सूचना मिली।
पशु चिकित्सकों की टीम को बुलाकर हाईवे पर बिखरी खाल की जांच करवाई गई। यह खाल ऐसे पशुओं की बताई जा रही है,जिसे इस तरह लाया-ले जाया जाना प्रतिबंधित है। इसके बाद पुलिस ने गाड़ी के मालिक गुरमत,चालक किरनजीत और तीसरे साथी विक्रम को गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि दुर्घटनाग्रस्त गाड़ी स्टार्ट भी नहीं हुई। बाद में पुलिस गाड़ी और खाल को लेकर थाने में पहुंची।
थाना प्रभारी मनीष कुमार ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने बरामद 5615 किलो खाल को झज्जर जिले के मांडोठी स्थित गोशाला से लाने की बात कही है। इसे बेचने के लिए जालंधर ले जा रहे थे। हालांकि कोई दस्तावेज नहीं दिखा पाए। तीनों के खिलाफ हरियाणा गोवंश संरक्षण एवं गो संवर्धन अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
इस मामले से गोशाला का कोई लेना-देना नहीं है। गोशाला में 3500से अधिक गाय हैं। मृत गोवंश को यहां जमीन में दफनाया जाता है। हालांकि करीब आठ महीने पहले मृत गोवंश की खाल बेचने का ठेका दिया गया था,लेकिन ठेकेदार ने इसे बंद कर दिया। इस तरह की अनर्गल बातों से गोशाला प्रबंधन की छवि खराब करने वालों से पुलिस को कड़ी पूछताछ करनी चाहिए।
-कैप्टन मान सिंह दलाल, महासचिव,मांडोठी गोशाला।