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बीस हजार किसानों के अटके 92 करोड़ रुपये

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जींद। व्यवस्थाओं को लेकर सुर्खियों में रहने वाली जींद मंडी में गेहूं बेचने वाले 20 हजार किसानों की 92 करोड़ से ज्यादा की पेमेंट अटक गई है। कुछ किसान आढ़तियों से फसल बेचने के साथ ही पेमेंट ले लेते हैं, लेकिन अब मार्केट कमेटी की लापरवाही का खामियाजा किसानों के साथ आढ़तियों को भी भुगतना पड़ रहा है।
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दरअसल मंडी प्रशासन को गेहूं खरीद के सभी दस्तावेज ऑनलाइन करके बैंक खाता नंबर व आईएफएससी कोड एजेंसियों के पास जमा करवाने होते हैं। इसके बाद आढ़तियों को गेहूं की फसल की पेमेंट मिलती है, लेकिन मंडी में सुचारु रूप से गेहूं की खरीद शुरू हुए नौ दिन बीत चुके हैं। अब तक एक भी गेहूं खरीदने वाले आढ़तियों का पैसे की पेमेंट नहीं की गई है, जिसकी वजह से किसानों को भी पैसे के लिए भटकना पड़ रहा है। इसमें मंडी प्रशासन ने जो आई फार्म जमा करवाना होता है एक तो वह समय पर जमा नहीं करवाया। इसमें सबसे ज्यादा बड़ी गलती मार्केट कमेटी ने की है कि उसने 97 फर्मों में खाता नंबर या आईएफएससी नंबर गलत भेजे हैं। इसके कारण इन आढ़तियों के पांच लाख क्विंटल गेहूं की पेमेंट रुकी हुई है। इससे जींद की अनाज मंडी में आने वाले लगभग 20 हजार किसान भी प्रभावित हो रहे हैं। किसानों को गेहूं बेचने के बाद आगामी फसल की तैयारी के लिए आढ़तियों से पैसा उठाना होता है, लेकिन आढ़तियों के पैसे मंडी प्रशासन की बड़ी लापरवाही के चलते लेट हुए हैं। इससे किसान और आढ़ती दोनों की समस्या बढ़ रही है।
एक अप्रैल से गेहूं खरीद के सरकार ने आदेश जारी किए थे। इसके बावजूद 15 अप्रैल से अनाज मंडी गेहूं की खरीद शुरू हो सकी। इसमें बड़ी बात यह है कि मंडी प्रशासन द्वारा समय पर दस्तावेज पूरे नहीं करने के कारण 92 करोड़ रुपये अटके हुए हैं। इतनी बड़ी राशि अटकने के कारण एक तरफ तो किसान आढ़तियों पर पैसे के लिए दबाव बना रहे हैं तो आढ़तियों के पास यह पेमेंट नहीं आने के कारण वह किसानों को जरूरत के लिए पैसा नहीं दे पा रहे हैं। मंडी में लगभग 160 आढ़त की दुकान हैं। इन सभी पर पेमेंट को लेकर यही हाल बना हुआ है। इसमें मंडी प्रशासन की तकनीकी खामियों के कारण सरकार की किसानों को 72 घंटे में पेमेंट देने के वायदे को भी मिट्टी में मिलाने का काम किया है।
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72 घंटे में पेमेंट का वादा, नौ दिन बाद भी नहीं मिली
सरकार ने गेहूं खरीद के बाद 72 घंटे में पेमेंट करने का वायदा किया था, लेकिन 15 अप्रैल से शुरू हुई गेहूं खरीद का एक रुपया भी अभी तक आढ़तियों को नहीं दिया गया। इसके कारण उनका काम काज प्रभावित हो रहा है। इसमें उन्होंने कहा कि सरकार ने एक सप्ताह तक लेट होने पर 12 प्रतिशत ब्याज देने का वायदा थी किया था। खामी कहीं भी हो आढ़तियों को उनका पैसा समय पर नहीं मिल पा रहा है।
-कृष्ण गर्ग मंडी प्रधान
मार्केट कमेटी की तरफ से समय पर नहीं मिले ई फार्म
खरीदे गए गेहूं का पूरा रिकॉर्ड मार्केट कमेटी द्वारा आई फार्म से तैयार कर भेजना होता है। इसमें काफी गड़बड़ी रही हैं। इसके कारण आढ़तियों की पेमेंट में देरी हुई है। मार्केट कमेटी यदि साथ के साथ ही रिकॉर्ड भेजती रहे तो आढ़तियों के खाते में पेमेंट डालने में किसी प्रकार की देरी न हो। बुधवार को दस करोड़ रुपये की राशि आढ़तियों के खाते में डाली गई है।
राजेश आर्य, डीएफएससी जींद
डीएफएससी ने समय पर नहीं दिए फार्म
डीएफएसी ने मार्केट कमेटी को समय पर आई फार्म उपलब्ध नहीं करवाए। इन फार्मों को अपने स्तर पर कहीं से लाया गया। इसके कारण किसानों की पेमेंट के कार्य में देरी हुई है। तीन एजेंसी की पेमेंट 16 से 17 अप्रैल तक आज करवा दी गई है। जल्द ही बाकी की भी पेमेंट की जाएगी।
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-पवन चोपड़ा, मार्केट कमेटी सचिव
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