हत्या के तीन दोषियों को अंतिम सांस तक कैद
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय पराशर की अदालत ने पौने चार साल पहले जमीन विवाद के चलते गोली मारकर हत्या करने के तीन दोषियों को अंतिम सांस तक कैद की सजा सुनाई है। इसके साथ-साथ दो पर दस-दस हजार रुपये और एक पर 12 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
गांव ढाठरथ निवासी सुलतान ने 13 जुलाई 2015 को पिल्लखेड़ा थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उसके ताऊ का बेटा रमेश अपने चचेरे भाई सुभाष के साथ खेत संभालने के लिए जा रहा था। हांसी ब्रांच नहर पटरी के पास रमेश मोटरसाइकिल से उतर गया और सुभाष दूसरे खेत की तरफ चल दिया। उसी दौरान नहर पटरी पर इंतजार कर रहे गांव के ही पंकज, विशाल, सुरेंद्र ने रिवॉल्वर से रमेश को दो गोलियां मार दी थीं। जो रमेश के सीने में लगीं। गोली लगने से रमेश की मौके पर ही मौत हो गई। रमेश के चचेरे भाई सुलतान ने बताया था कि रमेश ने लगभग चार माह पूर्व गांव के ही बोधराज से ढाई एकड़ जमीन खरीदी थी। बोधराज ने वह जमीन पंकज तथा विशाल के परिजनों से खरीदी हुई थी। तीनों रमेश द्वारा खरीदी गई जमीन के हिस्से के पानी को रोक दे रहे थे। इसी को लेकर तीनों रमेश से रंजिश रखते ते।
पिल्लूखेड़ा थाना पुलिस ने सुलतान की शिकायत पर सुरेंद्र, पंकज और विशाल के खिलाफ हत्या, शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया था। तभी से मामला अदालत में विचाराधीन था। मंगलवार को अदालत ने सुरेंद्र, पंकज और विशाल को अंतिम सांस तक कैद की सजा सुनाई है।