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टर्मिनेशन नोटिस के बावजूद हड़ताल पर डटे एनएचएम कर्मचारी

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टर्मिनेशन नोटिस मिलने के बाद भी हड़ताल पर डटे एनएचएम कर्मचारी
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। जिला मुख्यालय स्थित नागरिक अस्पताल में रविवार को 13वें दिन भी मांगों को लेकर एनएचएम कर्मचारी हड़ताल पर डटे रहे। पूरा दिन एनएचएम कर्मियों ने सरकार की हठधर्मिता पर रोष जताया और सरकार तथा विभाग को चेताया कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता है, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। हालांकि 15 फरवरी को एनएचएम कर्मचारियों को स्वास्थ्य विभाग ने नौकरी से हटाने के नोटिस जारी कर दिए हैं। एनएचएम के 265 हड़ताली कर्मचारियों को टर्मिनेशन की बात कहते हुए सोमवार तक ड्यूटी ज्वाइन करवाने की बात कही है। अगर एनएचएम कर्मचारी ड्यूटी ज्वाइन नहीं करते हैं तो उन्हें नौकरी से हाथ धोना पड़ेगा।
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नागरिक अस्पताल में धरनारत एनएचएम कर्मियों को संबोधित करते हुए जिला प्रधान कमलेश बधाना ने कहा कि संघ प्रदेश सरकार से मांग कर रहा है कि एनएचएम कर्मचारियों को स्थायी सेवा सुरक्षा प्रदान की जाएं, सेवा नियम बना कर नियमित वेतन लाभ दिया जाए, वार्षिक वेतन वृद्धि, विशेष मानदेय, खाली पदों पर भर्ती समेत अन्य मांगों पर विचार किया जाए और इसके साथ ही उनकी अन्य मांगों को भी पूरा किया जाए, लेकिन स्वास्थ्य विभाग तानाशाही रवैया अपनाए हुए हैं। एनएचएम कर्मचारियों की किसी भी मांग को पूरा नहीं किया जा रहा है, जिससे कर्मियों में रोष है। उन्होंने कहा कि मांगों को पूरा करने के बजाय एनएचएम कर्मियों को टर्मिनेशन का डर दिखाया जा रहा है, जिससे एनएचएम कर्मचारी डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि मांगों को लेकर एनएचएम कर्मचारी पहले भी आंदोलन कर अपना रोष व्यक्त कर चुके हैं। बाकायदा स्वास्थ्य मंत्री से भी मिल कर मांगों को अवगत करवा चुके हैं लेकिन उनकी मांगों को पूरा करने की बजाए तानाशाही रवैया अपनाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के इस तानाशाही रवैये के रोष स्वरूप ही एनएचएम कर्मचारी आंदोलन करने को मजबूर हो रहे हैं। सरकार तथा स्वास्थ्य विभाग को चाहिए कि उनकी मांगों को पूरा करे।
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