अमर उजाला ब्यूरो
जींद। बुधवार रात को 9:50 बजे खेड़ी तलौडा के 132 केवी पावर हाउस में जामनी सर्कल की बिजली सप्लाई चालू करते समय वीसीबी (वेक्युम सर्किट ब्रेकर) पैनल में ब्लास्ट हो गया। ब्लास्ट होने से निकली चिंगारियों से काम कर रहे दो कर्मचारियों सहित पास खड़े जेई और एसडीओ भी झुलस गए। घायल एसडीओ खुद गाड़ी चलाकर सभी झुलसे कर्मचारियों को निजी अस्पताल में लेकर गए। वीरवार दोपहर को इनमें से तीन की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें हिसार रेफर कर दिया गया।
तलौड़ा खेड़ी गांव में 132 केवी का पावर हाउस है। यहां से सिंधवीखेड़ा पावर हाउस सहित कई गांवों को बिजली सप्लाई की जाती है। बुधवार रात को बिजली नहीं मिलने के कारण जामनी गांव के ग्रामीण तलौडा खेड़ी के पावर हाउस में जमा हो गए। जामनी सर्कल के जाखेड़ा, बनिया खेड़ा, आलन जोगी खेड़ा, रजाना कलां, रजाना खुर्द में बिजली सप्लाई शुरू करने के लिए जींद के सेक्टर आठ निवासी मनोज मलिक, बराह खुर्द निवासी जेई कपिल, सिंधवीखेड़ा निवासी जीएसओ (ग्रिड स्टेशन ऑपरेटर) रमेश कुमार व गोहाना के रुखी गांव निवासी एसएसएस (सीनियर शिफ्ट अटेंडेंट) रविंद्र कुमार पावर हाउस में गए। इन लोगों ने बिजली सप्लाई बहाल करने का काम शुरू किया। बिजली कर्मचारियों रविंद्र और रमेश ने जैसे ही वीसीबी (वेक्युम सक्रिट ब्रेकर) पैनल लगाया तो उसमें ब्लास्ट हो गया। इससे निकली चिंगारियों से दोनों कर्मचारियों के साथ ही पास खड़े जेई कपिल व एसडीओ मनोज मलिक भी आग की चपेट में आ गए। वीरवार दोपहर बाद जेई कपिल, रविंद्र, रमेश कुमार की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें हिसार के सोनी बर्न अस्पताल में रेफर कर दिया। चिकित्सकों के अनुसार कपिल 15 प्रतिशत, रविंद्र और रमेश कुमार 50 प्रतिशत तक झुलसे हुए हैं।
मानवता हुई शर्मशार, घायलों को अस्पताल पहुंचाने के बजाय खिसक गए ग्रामीण
जिस समय बिजली कर्मचारी लाइन को चालू कर रहे थे, उस समय पावर हाउस के बाहर काफी संख्या में लोग बिजली लाइन चालू करवाने के लिए खड़े थे। जब ब्लास्ट हुआ तो झुलसे हुए कर्मचारियों को अस्पताल पहुंचाने के बजाय सभी ग्रामीण यहां से खिसक गए। घायल एसडीओ मनोज मलिक ने लोगों से कहा कि वे उन्हें अस्पताल पहुंचा दें, लेकिन किसी ने उनकी मदद नहीं की। इसके बाद खुद एसडीओ घायल हालत होने के बावजूद गाड़ी चलाकर सभी कर्मचारियों को लेकर अस्पताल पहुंचे। सुबह अस्पताल में घायलों का हाल जानने पहुंचे कर्मचारियों ने इस बात पर काफी रोष जताया कि लोग बिजली लाइन चालू करवाने के लिए तो दबाव बना देते हैं लेकिन झुलसे कर्मचारियों की मदद के लिए कोई आगे नहीं आया।
छुट्टी पर होने के बावजूद बुलाया जेई कपिल को
परिजनों के अनुसार कपिल की पत्नी ने बुधवार दिन में बेटे को जन्म दिया था। इसके चलते कपिल बुधवार को छुट्टी पर था, लेकिन बिजली की परेशानी के चलते लोगों के विरोध को देखते हुए उसे ड्यूटी पर बुलाया गया और वहां हादसा हो गया।
रविंद्र के इलाज पर फंसा रहा पेंच
हादसे का शिकार हुए एसडीओ मनोज मलिक, जेई कपिल व जीएसओ रमेश नियमित कर्मचारी हैं। ऐसे में वे मेडिकलेम के तहत आते हैं और उन्हें निजी अस्पताल में इलाज करवाने की सुविधा मिली है। वहीं एसएसए रविंद्र की सेवाएं नियमित नहीं हैं और वह ईएसआई के तहत आता है। ऐसे में रविंद्र को नियमानुसार पहले जींद के ईएसआई सेंटर ले जाना पड़ता, यहां से उसे नागरिक अस्पताल रेफर किया जाता और फिर आगे की प्रक्रिया होती। इसका हल ढूंढने के लिए बिजली निगम कर्मचारियों ने काफी देर माथा पच्ची की।
कर्मचारियों की हर संभव मदद की जाएगी
हादसा बहुत भयानक हुआ है। कर्मचारी काफी झुलस गए हैं। निगम की तरफ से व व्यक्तिगत रूप से सभी कर्मचारियों की मदद की जाएगी। बिजली कर्मचारियों की जान हर समय जोखिम में रहती है। किसी भी समय इस प्रकार का फाल्ट हो सकता है। इसमें किसी की कोई कमी नहीं है। जिस प्रकार चलती गाड़ी में कोई खराबी आ जाए, उसी प्रकार यह सब हुआ है। एक घंटे पहले सब कुछ ठीक था। जब दोबारा लाइन शुरू करने की कोशिश की तो ब्लास्ट हो गया।
-विशाल शर्मा, एक्सईएन, बिजली निगम।