अमर उजाला ब्यूरो
जींद। शहर के जाट स्कूल में जेबीटी की कक्षाएं नहीं लगने का मामला सामने आया है। विद्यार्थियों के अनुसार क्लास नहीं लगने की शिकायत लेकर डीसी व एसडीएम से मिल चुके हैं, लेकिन अभी तक कक्षाएं नहीं लग पाईं। इसमें एसडीएम वीरेंद्र सहरावत ने जांच के आदेश दिए थे, मगर उसके बाद भी जेबीटी की पढ़ाई शुरू नहीं हो सकी। फिलहाल सेशन पूरा होने में नौ दिन शेष रह गए हैं और परीक्षा आठ जुलाई से शुरू हो रही है, ऐसे में विद्यार्थियों की परेशानी और बढ़ गई है।
लगातार मिल रही शिकायतों पर जब बुधवार को अमर उजाला टीम ने स्कूल का दौरा किया तो विद्यार्थियों ने बताया कि काफी समय से जेबीटी की कक्षाएं नहीं लग रहीं और सेशन पूरा होने में मात्र नौ दिन शेष रह गए हैं। आठ जुलाई को परीक्षा होनी है। इसके बावजूद जेबीटी के विद्यार्थियों को शिक्षकों का मार्ग दर्शन नहीं मिल रहा है। विद्यार्थियों ने बताया कि उन्हें पाठ्यक्रम के बारे में जानकारी लेनी है, लेकिन शिक्षक कक्षा में नहीं आ रहे हैं। तैयारी ही नहीं हुई तो परीक्षा में फेल होना भी तय है, इस परेशानी को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों से मिल चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हो पाया। वहीं जब अमर उजला टीम ने प्राचार्या सौरभ भारद्वाज से बात की तो उन्होंने बताया कि दो दिन पहले ही स्कूल में प्राचार्य पद का कार्यभार संभाला है। फरवरी तक स्कूल एडिड स्कूल के दायरे में आता था, लेकिन सरकार के आदेश के बाद से एडिड स्कूल का 16 सदस्य स्टाफ सरकारी स्कूलों में चला गया है, जिससे यह परेशानी सामने आ रही है, अभी तक स्कूल संस्थान ने कोई नई भर्ती नहीं की है और जेबीटी की कक्षाएं चल रही हैं। स्टाफ की अतिरिक्त ड्यूटी लगा रखी है।
अभी नई भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं हुई
स्कूल में जेबीटी की कक्षाएं नहीं लगने के मामले में स्कूल के विद्यार्थियों ने एसडीएम से मिलकर शिकायत दी थी, लेकिन एसडीएम ने स्टाफ जांच के आदेश दिए और अतिरिक्त स्टाफ की ड्यूटी लगाई गई थी, मगर कुछ स्टाफ सदस्य छुट्टियों के बाद से स्कूल में नहीं पहुंचे और स्कूल संस्थान की ओर से कोई नई भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है। अभी सेशन पूरा होने को है और विद्यार्थियों को प्रेक्टिकल पूरी करने को कहा गया है। आठ जुलाई से जेबीटी की परीक्षा होनी है। अगर फिर भी विद्यार्थियों को कोई परेशानी है तो आकर मिलें, समस्या का समाधान किया जाएगा।
-सौरभ भारद्वाज, प्राचार्य, जाट स्कूल।