अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
शहर के बाजारों को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए नगर परिषद द्वारा तीन माह पहले बनाई योजना दम तोड़ गई है। अतिक्रमण हटाने के लिए तैयार की गई योजना को नगर परिषद पूरे शहर में लागू ही नहीं कर पाया। यह योजना मेन बाजार से बाहर नहीं निकल पाई। तीन माह में शहर के दूसरे हिस्सों में जाने की बजाये यह योजना जहां शुरू हुई थी, वहां भी फेल हो गई है। इससे बाजार दोबारा से अतिक्रमण के जद में आ गए हैं। इससे यहां आने वाले लोगों को परेशानी हो रही हैं।
दरअसल शहर में अतिक्रमण हटाने के लिए करीब चार साल पहले अदालत के आदेश पर काम शुरू किया गया। इसके तहत पक्के अवैध निर्माण को तोड़ा गया, लेकिन प्रशासन के ढीले रवैये के चलते फिर से मुख्य बाजार व मुख्य सड़कों पर अतिक्रमण पैर पसार रहा है। इससे शहर के कई हिस्सों में जाम की स्थिति भी रहती है।
दुकानदार लांघ गए पीली पट्टी
जनवरी माह में नगर परिषद द्वारा अतिक्रमण रोकने के लिए अभियान शुरू किया गया। इसके तहत दुकानों के बाहर पीली पट्टी खींची गई। नियम बना कि कोई भी दुकानदार पीली पट्टी से आगे सामान नहीं निकालेगा। समय बीतने के साथ यह नियम बेमानी बन गया। फिलहाल दुकानदारों ने पीली पट्टी को पीछे छोड़ कर अतिक्रमण को आगे बढ़ा लिया।
यहां लगता है जाम
अतिक्रमण के चलते शहर के गोहाना रोड, पटियाला चौक, रेलवे रोड, एसडी स्कूल, रोहतक रोड, भिवानी रोड व हांसी रोड जैसे स्थानों पर अतिक्रमण काफी अधिक रहता है। अतिक्रमण के कारण यहां जाम की स्थिति बनी रहती है। शहर के घंटा घर से लेकर पुरानी टेलीफोन एक्सचेंज तक अतिक्रमण के कारण दिन भर लोगों को परेशानी रहती है। इसके अलावा नगर परिषद कार्यालय के बाहर भी अतिक्रमण का बोलबाला है।
अवैध पार्किंग बनी रही बाधा
अतिक्रमण के साथ-साथ अवैध पार्किंग भी शहर में भीड़ व जाम का कारण बन रही है। सबसे अधिक परेशानी रानी तालाब से पुरानी अनाज मंडी मोड़ तक रहती है। यहां दिन भर अवैध तरीके गाड़ियों को खड़ा किया जाता है। इससे यात्रियों को परेशानी होती है।
प्रशासन नहीं दे रहा ध्यान
प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। शहर की सुंदरता नगर परिषद के एजेंडा में नहीं है। यही कारण है कि अतिक्रमण करने वालों पर सख्ती नहीं की जा रही है। पहले भी अदालत के माध्यम से अतिक्रमण हटवाया गया था। यदि जरूरत हुई तो इस बार भी अदालत की शरण ली जाएगी।
सुनील भारतीय, सदस्य अन्ना टीम।
बॉक्स
अतिक्रमण के खिलाफ समय-समय पर अभियान चलता है। उस समय व्यापारियों और नगर परिषद के बीच सहमति बनी थी कि वे पीली रेखा से आगे सामान नहीं लगाएंगे। यदि फिर से शुरू कर दिया है तो वहां कार्रवाई की जाएगी। शहर के दूसरे हिस्सों में भी अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सतीश गर्ग, एमई, नगर परिषद जींद।