अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
ई-पंचायत का विरोध कर रहे जिला भर के सरपंचों ने शुक्रवार को जिलेभर में खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालयों पर ताला जड़ कर रोष जताया। इस दौरान सरपंचों ने चंडीगढ़ में बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर पर बेइज्जत करने का आरोप लगाया। सरपंचों ने कहा कि मुख्यमंत्री ने सरपंचों को बेइज्जत किया है, ऐसे में वे अब गांवों में भाजपा नेताओं को नहीं घुसने देंगे। सभी खंड कार्यालयों पर सरपंचों ने नारेबाजी की।
जींद खंड कार्यालय के बाहर जींद खंड सरपंच एसोसिएशन के प्रधान संदीप अहलावत ने कहा कि चंडीगढ़ में सरकार ने बुधवार को सरपंचों को बातचीत के लिए बुलाया था, लेकिन वहां बहुत अभद्र व्यवहार किया गया। यहां तक कि सरपंचों को धक्के मारकर बाहर निकाला गया। ऐसे में सरपंच भी अब गांवों में सरकार व भाजपा का विरोध करेंगे। यहां तहसीलदार प्रवीण कुमार सरपंचों को समझाकर ताला खुलवाने पहुंचे, लेकिन सरपंचों ने कहा कि वे मुख्यमंत्री को संदेश भिजवा दें कि जब तक मुख्यमंत्री सरपंचों से माफी नहीं मांगेंगे, आंदोलन जारी रहेगा। प्रशासन ने दोपहर बाद चार बजे के बाद ताला तोडक़र गेट खोला। यहां खंड प्रधान संदीप अहलावत ने कहा कि जिला का कोई भी सरपंच किसी भी कागज पर मोहर नहीं लगाएगा। यदि किसी को मोहर लगवानी है तो वह मुख्यमंत्री से बात करे। मुख्यमंत्री सरपंचों से बात करेंगे तो उन्हें जवाब दिया जाएगा।
पंचायत सचिवों पर कार्रवाई का विरोध
इस दौरान सरपंचों ने पंचायत सचिवों को निलंबित कर मुख्यालय बदलने का भी विरोध जताया। सरपंच संदीप कुमार ने कहा कि सरपंच पंचायत सचिवों के साथ खड़े हैं। जब तक सरकार यह फैसला वापस नहीं लिया जाता, पंचायत कोई काम नहीं करेंगी।
उचाना में बीडीपीओ कार्यालय पर सरपंचों ने जड़ा ताला
अपनी मांगों को लेकर चंडीगढ़ में सीएम से मिलने पहुंचे सरपंचों से हुए अभद्र व्यवहार को लेकर सरपंचों ने उपमंडल कार्यालय में बीडीपीओ कार्यालय के गेट पर तालाबंदी कर अनिश्चित कालीन धरना शुरू किया। सरपंचों ने कहा कि जब तक हमारी मांगों को सरकार नहीं मानती, सरपंचों से अभद्र व्यवहार को लेकर सीएम व पंचायत मंत्री माफी नहीं मांगेंगे तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
पिल्लूखेड़ा के सरपंचों ने फूंका का पुतला
शुक्रवार को पिल्लूखेड़ा ब्लॅाक के तमाम सरपंचों ने पिल्लूखेड़ा सरपंच एसोसिएशन के बैनर तले एक जुटकर होकर प्रदेश के सीएम मनोहर लाल खट्टर और पंचायत मंत्री ओपी धनखड़ के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और हरियाणा सरकार का पुतला भी फूंका। इस अवसर पर रामकेश ढाठरथ, जयकिशन जामनी, मुकेश आर्य, माल्हा, जसमेर सैनी, दलबीर कालवा, किरण, शक्ति सिंह भूराण, रिटौली सतबीर, तेजपाल भम्भेवा, तेज सिंह कलावती, राममेहर भड़ताना, सुरेश बुढाखेड़ा, भूपेंद्र लुदाना, राजेश बेरीखेड़ा, राजेश मौजूद रहे।
ग्राम सचिवों के निलंबन के विरोध में गरजे सरपंच
सफीदों। कस्बे के बीडीपीओ कार्यालय में सरपंच एसोसिएशन व ग्राम सचिव एसोसिएशन ने सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान सरपंचों व ग्राम सचिवों ने बीडीपीओ कार्यालय के मुख्य द्वार पर मुख्यमंत्री, पंचायत मंत्री का पुतला फूंका। इस प्रदर्शन का नेतृत्व ब्लाक के सरपंच एसोसिएशन के प्रधान अजित पाल चट्ठा ने किया। प्रदर्शन में दर्जनों सरपंच व ग्राम सचिवों ने भाग लिया। प्रदर्शन से पूर्व बीडीपीओ क ार्यालय में हुई बैठक में सरकार द्वारा 28 मार्च के प्रदर्शन के दौरान की गई ज्यादतियों के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने कहा कि उनकी मांग है कि इस प्रकार के सभी आदेशों को वापिस लिया जाए और ग्राम सचिवों व पंचायतों को ऑन लाइन करने की सभी सुविधाएं मुहैया करवाई जाए। अगर सरकार ऐसा नहीं करती है तो अपना बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे।
अलेवा में सरपंचों ने की नारेबाजी
ई-टेंडरिंग समेत अन्य मांगों को लेकर शुक्रवार को अलेवा ब्लॉक सरपंच एसोसिएशन के प्रधान नरवीर नेहरा की अध्यक्षता में सरपंचों ने बीडीपीओ कार्यालय अलेवा पर ताला जड़कर कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ और मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का पुतला फुंका। इस मौके पर सरपंच राजकुमार, गुरदेव सिंह, जसवंत नगूरां, शिशपाल, बिंद्र पेगा, कली राम नेहरा मौजूद रहे।
नरवाना में सरपंचों ने बीडीपीओ कार्यालय को जड़ा ताला
ई-पंचायत के विरोध और ग्राम सचिवों का बहाल करने की मांग को लेकर शुक्रवार को सरपंचों ने बीडीपीओ कार्यालय को ताला जड़ दिया। दोहर बाद सरपंच एसोसिएशन के सदस्य लघु सचिवालय पहुंचे। गौरतलब है कि सीएम से बात करने पहुंचे नौ ग्राम सचिव को सरकार ने सस्पेंड कर दिया।
बीडीपीओ कार्यालय को ताला, सीएम का फुंका पुतला
जुलाना: शुक्रवार को खंड के सभी 38 गांवों के सरपंच खंड विकास एवं पंचायत कार्यालय पहुंचे और कार्यालय को ताला जड़ दिया। ताला जडने के बाद सरपंचों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए रोष प्रकट किया। सरपंचों की मांग है कि सरकार द्वारा ई-प्रणाली को लागू ना किया जाए और सस्पेंड किए गए ग्राम सचिवों को बहाल किया जाए। सरपंच एसोसिएशन के प्रधान राजेश गोयत ने कहा कि सरकार सरपंचों के साथ अन्याय कर रही है। इस अवसर पर कुलदीप, रवि राणा, अजय लाठर, हरिओम, प्रदीप जांगड़ा, राजपाल सहित काफी संख्या में सरपंच मौजूद रहे।
सड़क पर घूमते रहे अधिकारी और कर्मचारी
सरपंचों द्वारा कार्यालय में ताला जड़ने के बाद कार्यालय में कार्यरत सभी कर्मचारी सड़क पर ही टहलते नजर आए। कार्यालय में काम करवाने वाले लोगों को भी बाहर से ही बैरंग लौटना पड़ा। ग्राम सचिवों ने भी धरने का समर्थन किया और सरकार के खिलाफ रोष प्रकट किया।
पूर्व सीएम ने किया समर्थन
जुलाना में जिस समय सरपंच ब्लॉक कार्यालय को ताला लगाकर नारेबाजी कर रहे थे, तभी पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी यहां पहुंच गए। उन्होंने सरपंचों का समर्थन करते हुए कहा कि सरकार की अनुभवहीनता के चलते यह स्थिति आई है। हुड्डा ने कहा कि सरकार बिना उपकरण और सुविधा मुहैया करवाए ही सरपंचों पर नई व्यवस्था लाद रही है।
कार्यालय में सरपंचों ने लगाया टेंट
कार्यालय के मैन गेट पर ताला जड़ने के बाद सभी सरपंच कार्यालय के अंदर टेंट लगाकर धरने पर बैठ गए। सरपंचों का कहना है जब तक सरकार सरपंचों की मांग को नही मानती है किसी भी कीमत पर ताला नही खोला जाएगा औैर धरना भी जारी रहेगा।
कांग्रेस ने किया समर्थन
शुक्रवार को जुलाना में धरने पर बैठे सरपंचों को समर्थन देने के लिए कांग्रेस के जिला युवा उपाध्यक्ष रोहित दलाल बीडीपीओ कार्यालय में धरना स्थल पर पहुंचे और सरपंचों का समर्थन किया। रोहित दलाल ने कहा कि भाजपा सरकार में किसी भी वर्ग की कोई सुनवाई नही है। गांव का सरपंच सरकार और आम आदमी के बीच की एक धुरी होता है और प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा सरपंचों को बेइज्जत किया जाना बेहद शर्मनाक और निंदनीय है।