अमित शाह की रैली को लेकर केंद्रीय मंत्री के आवास पर चला बैठकों का दौर
अमर उजाला ब्यूरो
उचाना। डूमरखां कलां गांव में केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह के आवास पर पूरे दिन बैठक का दौर रहा। सबसे पहले जोन इंचार्ज, उचाना, अलेवा, छातर मंडलध्यक्षों सहित 15 मोर्चों के अध्यक्षतों की बैठक हुई। दोपहर बाद हुई बैठक में 17 शक्ति केंद्र इंचार्जों, हलके के सभी गांवों के प्रभारियों के साथ बैठक हुई। जिला परषिद, ब्लॉक समिति, पार्षदों के साथ बैठक की गई। रैली को लेकर निगरानी कमेटी का गठन किया गया। इसमें हरेंद्र डूमरखां, धर्मेंद्र चहल, महेंद्र सिंह को शामिल किया गया। केंद्रीय मंत्री 31 जनवरी को सिंगवाल, ढाकल में पब्लिक मीटिंग आयोजित की जाएगी। दोपहर बाद डूमरखां कलां में अलेवा, उचाना ब्लॉक के सरपंचों के साथ बैठक, छोटूराम विचार मंच उचाना के सदस्यों के साथ बैठक होगी। खरकभूरा में 25 मार्च को आयोजित कार्यक्रम के लिए केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह जगह का चयन करेंगे। इस दौरान कबड्डी खिलाड़ियों से रूबरू भी होंगे।
केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह ने कहा कि जींद में 15 फरवरी को भाजपा के राष्ट्रीध्यक्ष अमित शाह आ रहे है। भाजपा के सीएम, मंत्री, नेता, कार्यकर्ता सब इस रैली में मोटरसाइकिलों से पहुंचेंगे। रैली में सबसे अधिक भागीदारी हलके से होनी चाहिए। हलके साथ-साथ नारनौंद, असंध, कलायत, बरवाला, नरवाना से भी अधिक भागीदारी को लेकर अधिक से अधिक युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि रैली में बाइकों से जाने वाले उचाना, नरवाना के कार्यकर्ताओं की अलग से पहचान होनी चाहिए ताकि पता लगें कि उचाना से कितने लोग रैली में पहुंचे है। इसके लिए वो टोपी पहने या स्टीकर लगाए। किसान मोर्च के लोग ट्रैक्टर-ट्राली से आए ताकि पता लगे कि रैली में किसान पहुंचे है। महिलाएं गाड़ियों से रैली में पहुंचेंगी। हलके से अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए गांव-गांव, बूथ-बूथ पर जाकर संपर्क साधे। ये जिले के लिए गौरव की बात है कि भाजपा द्वारा इस साल की रैली की शुरूआत जींद से की है। अमित शाह को सबसे अधिक भागीदारी हलके की पूरे प्रदेश से ज्यादा नजर आनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि खरकभूरा गांव में 25 मार्च को जो महायज्ञ होगा उसमें हलके से 15 हजार हलके से, 10 हजार जिले के दूसरे हलकों आएंगे। महायज्ञ के माध्यम से प्रदेश में भाईचारा कायम रखने की कामना भगवान से की जाएगी। आज राजनीति पार्टियां की सोच वोटों की राजनीति के लिए प्रदेश को जात-पात के नाम पर बांटने की हो रही है। वो इस तरह की राजनीति का घोर विरोध करते है। इस तरह की राजनीति आपस में भाईचारा को खराब करती है। हमारी पहचान भाईचारा से है। इस मौके पर हरेंद्र डूमरखां, संजीव डूमरखां, मंजीत घोघड़िया, सुरेंद्र श्योकंद, कपिल श्योकंद, सुरेंद्र गर्ग, सज्जन चौधरी, धर्मेंद्र चहल, रणधीर मंगलपुर, गुरनाम पालवां, राजा बुडायन, चांदी श्योकंद, सतनाम मखंड, राकेश उचाना खुर्द मौजूद है।