अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
दीवान बाल कृष्ण रंगशाला के पास 28 से 30 नवंबर तक मनाए जाने वाले गीता जयंती महोत्सव में बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले लगाए जाएंगे। स्टाल व झूलों के लिए निर्धारित फीस एडीसी कार्यालय में जमा करवाई जा सकती है। वहीं कार्यक्रम में जींद रियासत से लेकर आधुनिक शहर तक का इतिहास भी दर्शाया जाएगा।
एडीसी धीरेंद्र खडगटा ने वीरवार को गीता महोत्सव स्थल का दौरा किया। उन्होंने खाद्य पदार्थों के स्टॉल व झूले स्थापित करने की जगह का मुआयना किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे यहां सफाई व अन्य प्रकार की व्यवस्थाओं को समय रहते पूरा कर लें। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष के अनुभव के आधार पर गीता महोत्सव में काफी लोग पहुंचते हैं। एडीसी ने कहा कि यहां फायर बिग्रेड की गाडिय़ां रखी जाएंगी। इसी प्रकार एडीसी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को एंबुलेंस जिसमें एक डॉक्टर व अन्य कर्मियों के साथ पर्याप्त दवा उपलब्ध करवाने के भी आदेश दिए। एडीसी ने कार्यक्रम स्थल पर बनाए जा रहे घटोत्कच, शेषनाग स्थापित करने की प्रक्रिया को भी देखा। आयोजन स्थल पर पश्चिम की तरफ बने गोलाई के मंच पर वृद्वावन से आने वाले कलाकारों द्वारा भगवान श्री कृष्ण पर कार्यक्रम दिखाए जाएंगे। यहां एक ग्रामीण संस्कृति को दर्शाने वाला गांव बसाया जाएगा।
डीसी ने ली स्वयं सेवी संगठनों की मीटिंग
डीसी अमित खत्री ने गीता महोत्सव को आकर्षक बनाने और इसमें जन सह भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए डीआरडीए सभागार में स्वयं सेवी संगठनों के प्रतिनिधियों की मीटिंग ली। डीसी ने कहा कि जींद जिला धर्म क्षेत्र कुरुक्षेत्र की 48 कोस की परिधि में आता है, इसलिए यहां पर कई एतिहासिक तीर्थ स्थल महाभारत से जुड़े हैं। इनके बारे में युवा पीढ़ी को गीता महोत्सव के माध्यम से जानकारी दी जा सकती है। प्रदर्शनी आयोजन को लेकर डीसी ने जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मंदीप कुमार की ड्यूटी लगाई।
गुलशन भारद्वाज लगाएंगे प्रदर्शनी
समारोह में जींद जिला और जींद रियासत के इतिहास की झलक भी दिखेगी। इसके लिए जींद का इतिहास संजोने वाले गुलशन भारद्वाज यहां प्रदर्शनी लगाएंगे। इसमें जींद रियासत के जुड़े सिक्के, शाही परिवार की फोटो और जींद में प्राचीन सभ्यताओं के मिले अवशेषों को दर्शाया जाएगा।
लोक कलाकारों की रहेगी धूम
डीसी ने कहा कि तीनों दिन महोत्सव स्थल पर लोक कलाकार जैसे बांसुरी, बीन, नगाड़ा, डेरू, जंगम जोगी अपनी दिन में प्रस्तुतियां देकर लोगों का मनोरंजन करेंगे। 28 नवंबर को प्रदर्शनी का उद्घाटन होगा। प्रदर्शनी में जहां राज्य सरकार विकासात्मक गतिविधियां नजर आएंगी। गीता पर आधारित साहित्य को भी संजोया जाएगा। डीसी ने बताया कि 29 नवंबर को जिला स्तरीय सेमीनार का आयोजन किया जाएगा। जिसमें गीता का मेरे जीवन पर प्रभाव विषय पर विचारकों व्याख्यान दोिए जाएंगे। 30 नवंबर को नगर शोभा यात्रा निकाली जाएगी।