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रामकली गांव के युवक की मौत

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जुलाना। सड़कों पर काल बनकर घूम रहे लावारिस पशुओं को हटाने के लिए खुद ही समय सीमा तय करने के बावजूद प्रशासन विफल रहा है। एक बार फिर लावारिस पशुओं की चपेट में आकर रामकली गांव निवासी 25 वर्षीय मनीष को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। प्रशासन की ओर से करीब तीन महीने पहले शुरू की गई नंदीशाला अभी तक शुरू नहीं हो पाई है। इसी का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
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जींद-रोहतक मार्ग पर गांव किलाजफरगढ़ के पास मंगलवार को एक बाइक को लड़ रहे दो सांड ने टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार रामकली गांव के एक युवक की मौत हो गई। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस के अनुसार गांव रामकली निवासी 25 वर्षीय मनीष मंगलवार सुबह बाइक पर सवार होकर रोहतक की तरफ जा रहा था। जब वह किलाजफरगढ़ गांव के पास पहुंचा तो दो सांड आपस में भिड़ते हुए सड़क पर आ गए और बाइक सवार को टक्कर मार दी। इस हादसे में मनीष की मौत हो गई।
सांड बन रहे है काल
सड़कों पर घूम रहे सांड व नंदी लोगों के लिए काल बन रहे हैं। पशुओं के कारण सड़क हादसे हो रहे हैं और लोग मर रहे हैं मगर प्रशासन चुप्पी साधे हुए है। दो सप्ताह पहले भी बाइक को टक्कर एक आवारा सांड ने मारी दी जिसमें जाजवान गांव के बबली की मौत हो गई थी। बबली चार लड़कियों का पिता था। जुलाना में गतौली गांव के पास कुछ वर्ष पहले कार के सामने लावारिस सांड आने से एक वकील की मौत हो गई थी। प्रशासन ने 15 अगस्त तक सभी लावारिस पशुओं को सड़क से हटाने का दावा किया था। प्रशासन का दावा खोखला रहा और आज फिर आवारा सांड ने एक परिवार के मुखिया को टक्कर मार कर मौत के घाट उतार दिया।
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जुलाना में हुई थी पंचायत
दो सप्ताह पहले आवारा पशुओं को लेकर जुलाना में खापों की पंचायत हुई थी। पंचायत में सड़कों पर घूम रहे सांड व गायों पर विचार-विमर्श किया गया था। पंचायत में कहा गया कि प्रशासन जींद के पशुओं को तो पकड़ रहे है मगर जुलाना की तरफ प्रशासन कोई ध्यान नहीं है।
लोग करें सहयोग
लावारिस पशुओं को सड़कों से हटाने के लिए लोगों को भी सहयोग करना होगा। इसके लिए गोशालाओं को तैयार किया जा रहा है। हांसी रोड पर बन रही नंदीशाला में पैसे की कुछ कमी आ गई थी, इसके लिए अब डी प्लान से पैसे व्यवस्था की जा रही है। जल्द ही नंदीशाला में नंदियों को छोड़ने की प्रक्रिया शुरू होगी।
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धीरेंद्र खडगटा, एडीसी।
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