जींद। ऑनलाइन तबादला पॉलिसी से रोडवेज डिपो के 42 कर्मचारी इधर-उधर हो गए हैं। ऐसे में रोडवेज के लंबे और स्थानीय मार्गपर इसका असर पड़ा है। कई रूटों पर बसों के फेरे भी कम हुए हैं, लेकिन डिपो प्रबंधन द्वारा यात्रियों की परेशानी को गंभीरता से लेकर रूटों पर समयसारिणी के अनुसार बसों को सुचारू रूप से चलाया जा रहा है।
शुक्रवार तक ऑनलाइन तबादला पॉलिसी के तहत डिपो से आठ परिचालक दूसरे डिपो में चले गए, जबकि 14 चालक और सात क्लर्कों का तबादला हुआ है। वहीं डिपो में दूसरी जगह से 14 परिचालक आए हैं, जोकि ज्वाइनिंग कर रहे हैं, लेकिन डिपो में न तो चालक और न ही लिपिक आए हैं। ऐसे में कर्मचारियों की कमी हो गई है और रूटों पर बस चलाने पर असर पड़ा है। जींद डिपो में 95 से ज्यादा बसें हैं, जोकि श्रीगंगानगर, सालासर, हरिद्वार, पटियाला, चंडीगढ़, दिल्ली, पलवल जैसे लंबे रूटों पर चलती हैं। इसके अलावा बसें लोकल रूटों और ग्रामीण क्षेत्र में भी जाती हैं। फिलहाल जींद डिपो में 140 परिचालक हैं और 94 चालक सेवाएं दे रहे हैं।
असंध रूट पर बस चलाने की योजना
डिपो प्रबंधन ने असंध रूट पर भी रोडवेज बस चलाने की योजना बनाई है। फिलहाल ऑनलाइन तबादला पॉलिसी के चलते परिचालक और चालक डिपो में आ-जा रहे हैं। इससे व्यवस्था बिगड़ गई है। जैसे ही परिचालक और चालक डिपो में आ जाएंगे। उसके बाद डिपो की व्यवस्था में सुधार आ जाएगा। ऐसे में जींद से असंध के लिए रोडवेज बस सेवा शुरू कर दी जाएगी। यह बस जींद से शाम को सात बजे असंध के लिए रवाना होगी और असंध में रात्रि ठहराव करेगी। फिर अगले दिन सुबह जींद के लिए रवाना होगी। इस बस सेवा का यात्रियों को काफी फायदा पहुंचेगा।
वर्जन
बसों को सभी रूटों पर सुचारू रूप से चलाया जा रहा है। हालांकि चालक और परिचालकों का तबादला होने से व्यवस्था में कुछ बदलाव आया है। जिस भी रूट पर यात्रियों की भीड़ दिखाई देती है, उसकी रूट पर बस भेजी जा रही है। जो चालक और परिचालक डिपो में आए हैं, उनमें से कुछ चालक-परिचालकों ने ज्वाइन नहीं किया है। वह जल्द ही ज्वाइनिंग कर लेंगे, उसके बाद कर्मचारियों की कमी नहीं रहेगी।
-जसमेर खटकड़, ड्यूटी इंचार्ज, डिपो जींद