जींद। शहर में सोमवार सुबह हुई बरसात के बाद पटियाला चौक, अर्बन इस्टेट, गांधी नगर, विवेकानंद नगर, संत नगर समेत कई कॉलोनियों की गलियां जलमग्न हो गई। इसके बाद लगभग दो घंटे में सभी गलियों व सड़कों से पानी की निकासी बेहतर तरीके से कर दी।
जिले में तीन दिन बारिश के अलर्ट को देखते हुए प्रशासन ने सभी तैयारियों को अंतिम रूप देकर अलर्ट किया गया था। डीसी ने जिले में सभी विभागों के कर्मियों की छह से नौ जुलाई तक छुट्टियां रद्द की हुई हैं। इसी का नतीजा है कि जनस्वास्थ्य विभाग ने अपने विभागीय अमले के बल पर पानी निकासी को जल्द पूरा किया।
जिले में सोमवार को औसतन 12 एमएम बरसात हुई। इसमें इसमें जींद में सबसे अधिक 42 एमएम, जुलाना में 36 एमएम, उचाना में आठ एमएम बरसात हुई। इसके अलावा अन्य क्षेत्रों में सुबह बूंदाबांदी हुई। जिले भर के किसान धान की रोपाई के लिए बारिश की उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन जींद, उचाना व जुलाना को छोड़कर बरसात किसी भी क्षेत्र में नहीं होने से किसानों को मायूसी हाथ लगी है। मौसम विभाग के अनुसार आगामी दो से तीन दिन बरसात की संभावना बनी है।
वहीं प्रशासनिक की लापरवाही के चलते लगभग 20 दिन पहले बीएसएनएल ने अर्बन इस्टेट की गलियों में लाइन दबाई थी। इसके चलते स्वर्गीय पूर्व विधायक भाग सिंह छातर के मकान के सामने मशीन लगाकर केबल लगाने का काम किया। यहां पर बने गड्ढे को ठीक से नहीं भरने के कारण अब बरसात में राहगीरों के लिए खतरा बना हुआ है। सोमवार को हुई बारिश में यह सड़क धंस गई और गहरा गड्डा बन गया। इसमें एक कार भी फंसी और एक महिला फिसल कर गिर गई।
जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईन ने किया दौरान
बरसात के बाद जहां पर जलभराव का अंदेशा था और जलभराव की सूचना मिली। उन सभी स्थानों पर निकासी की व्यवस्था करवाने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईन भानूप्रताप ने दौरा किया और कर्मियों को पानी की निकासी करवाने के निर्देश दिए। सुबह सात बजे शुरू हुई बरसात का सारा पानी 10 बजे तक लगभग सभी सड़कों से पूरी तरह निकलवा दिया गया था।
वर्जन
जिले में भारी बारिश का अलर्ट है। इसके चलते विभाग पूरी तरह से मुस्तैद है। शहर के जिन क्षेत्रों में पानी का ठहराव होता है। वहां पर अतिरिक्त पंप सैट लगाकर पानी निकासी करवाने की व्यवस्था की गई है। इस बार बारिश में शहर वासियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
भानूप्रताप एक्सईन जनस्वास्थ्य विभाग जींद।
07जएनडी20: अर्बन इस्टेट में बारिश का पानी ठहरने के कारण धंसी सड़क। संवाद