जींद। अनाज मंडियों में गेहूं व धान की खरीद शुरू होने से पहले सरकार मार्केट कमेटी को सभी तैयारियों को पूर्ण करने के लिए आदेश देती है। इसके बावजूद अधिकारियों की कार्यप्रणाली से किसानों व मंडी में काम करने वाले मजदूरों को परेशान होना पड़ रहा है। भी जींद की मंडी में गेहूं की खरीद को सोमवार तक 22 दिन व सरसों की खरीद को 26 दिन हो चुके हैं, लेकिन मंडी प्रशासन अब तक मंडी में पीने के ठंडे पानी और शौचालय की सुविधा भी मजदूर और किसानों को उपलब्ध करवा सका।
इसके कारण यहां पर काम करने वाले मजदूर दिनभर धूप में तपने वाले पानी को पीने के लिए मजबूर हैं। मंडी में काम करने वाले कई मजदूरों ने तो नाम नहीं बताने की शर्त पर मंडी की अव्यवस्थाओं को उजागर किया। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन करीब 500 से अधिक किसान व मंडी में करीब दो हजार मजदूर काम कर रहे हैं, इनमें से आधे से अधिक महिलाएं हैं। इनके लिए मंडी में बने शौचालयों में न तो सफाई है और न ही इसमें पानी की व्यवस्था। शौचालयों में पानी नहीं होने के कारण मजदूरों को खुले में शौच जाना पड़ता है। यही हाल महिला मजदूरों का मंडी में है। इन अव्यवस्थाओं के चलते मंडी प्रशासन मौन धारण किए हुए है।
गेहूं का सीजन आधा आया, नहीं ठीक हुए धर्म कांटे
मंडी के तीन गेट हैं, तीनों गेटों पर किसानों की फसल का वजन करवाने के लिए धर्म कांटे लगे तो हैं, लेकिन यह बंद हैं। किसानों का कहना है कि मंडी में किसानों के साथ ठगी करने के लिए धर्म कांटे बंद किए गए हैं। मंडी प्रशासन तीनों गेट पर लगे कांटों को किस कारण से ठीक नहीं करवा पा रहे। यह भी किसानों की फसल के साथ जुड़ा राज हो सकता है।
सभी वाटर कूलर ठीक, धर्म कांटे नहीं कर रहे काम
वहीं सच्चाई का सामने करने की बजाये अधिकारी रटारटाया जवाब देते हैं। सब कुछ आंखों के आगे होने के बावजूद मार्केट कमेटी के सचिव पवन चोपड़ा अनाज मंडी में आठ वाटर कूलर लगे हुए हैं। इनमें से एक को छोड़कर सभी काम कर रहे हैं। शौचालयों की साफ-सफाई करवाई गई हैं। शौचालयों में पानी की पूरी व्यवस्था है। मंडी गेट पर लगे धर्म कांटे काम नहीं कर रहे हैं। इनको ठीक करवाने का प्रयास करवाया जा रहा है।
व्यवस्था बनाना प्रशासन की जिम्मेदारी
बिलकुल मंडी में व्यवस्था बनाना प्रशासन की जिम्मेदारी है। इसको लेकर मार्केट कमेटी के सचिव को आदेश दिए जाएंगे। किसानों व मजदूरों के लिए आधारभूत सुविधाएं प्राथमिकता के आधार पर मुहैया करवाई जाएंगी।
डॉ. आदित्य दहिया, डीसी।