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पडाना ड्रेन की सफाई नहीं होने से ही डूबे 70 से अधिक गांव
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अब हरकत में आया प्रशासन, सफाई की तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। पिछले दिनों हुई बारिश के बाद जिला में बनी बाढ़ की स्थिति का जिम्मेदार प्रशासन ही निकला। दरअसल करीब 12 गांवों के पानी को नियंत्रित करने वाली पडाना ड्रेन की सफाई ही नहीं हुई है। जिसके चलते सफीदों, पिल्लूखेड़ा, अलेवा व जुलाना ब्लॉक के 70 से अधिक गांवों में बाढ़ आ गई है। इन गांवों में बारिश का पानी भरने से करीब डेढ़ लाख एकड़ में खड़ी फसल जलमग्न हो गई है। हालत यह है कि इस क्षेत्र में गेहूं की बिजाई पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं। भारी तबाही के बाद अब सिंचाई विभाग सक्रिय हुआ है और पडाना ड्रेन की सफाई की योजना बना रहा है।
उल्लेखनीय है कि 22 से 24 सितंबर तक जिलेभर में बारिश हुई थी। इसके बाद जिला में बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है। बारिश के पांच दिन बाद साफ हुआ है कि अधिकतर तबाही सिंचाई विभाग की लापरवाही से हुई है। दरअसल पडाना ड्रेन सफीदों के बागड़ू, रामनगर, पिल्लूखेड़ा के गांगोली, खकर, कालवा, भागखेड़ा, मोरखी, लुदाना, भंभेवा, भैरोखेड़ा, ढिगाना व शामलो होती हुई सुंदर ब्रांच नहर के पास निकलती है। यहां से पंप लगाकर ड्रेन का पानी नहर में डाला जाता है। इस ड्रेन से इस क्षेत्र के 70 से अधिक गांवों का पानी निकल सकता है, लेकिन ड्रेन की सफाई नहीं होने के कारण अब यह पानी नहीं निकल पा रहा है।
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इन ड्रेन से होती है निकासी
जुलाना क्षेत्र में पोली-गतौली, गतौली डिच ड्रेन, रामकली-भरोखेड़ा, कालवा-किनाना व गढवाली-करेला ड्रेन से पानी की निकासी होती है। अब पडाना ड्रेन में पानी की निकासी नहीं होने से बाकी ड्रेन ओवरफ्लो हो गई हैं और करीब डेढ लाख एकड़ जमीन बारिश के पानी की चपेट में आ गई हैं। इसके चलते जुलाना क्षेत्र के आसन, चाबरी, सिवाहा, खरकरामजी, सिंधवीखेड़ा, भैरोखेड़ा, नंदगढ़, पोंकरीखेड़ी, फतेहगढ़, लजवाना कलां व खुर्द, रामकली, अकालगढ़, पोली, शामलो कलां व खुर्द, पडाना, निडानी, निडाना, गढवाली, ढिगाना, गतौली, जैजैवंती, बख्ता खेड़ा, करेला, झमोला, जुलाना, रधाना सहित अलेवा, पिल्लूखेड़ा व सफीदों के कई गांवों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है।
सफीदों सिंचाई विभाग के अधीन आती है ड्रेन
विधायक परमेंद्र ढुल के अनुसार पडाना ड्रेन अधिकतर जुलाना क्षेत्र के गांवों को कवर करती है। लेकिन यह सफीदों सिंचाई विभाग के अधीन आती है। इस ड्रेन की सफाई नहीं की गई, जिससे जलभराव की स्थित पैदा हुई है।

ड्रेन की सफाई जून महीने में करवाई गई थी, लेकिन बारिश के मौसम के चलते इसमें फिर से घास उग गई है। अब क्रेन की सहायता से अवरोध हटाए जाएंगे, ताकि पानी की निकासी हो सके।
- सोमनाथ, एसडीओ सिंचाई विभाग सफीदों।

विधायक ने प्रशासनिक अमले के साथ किया निरीक्षण
जुलाना से इनेलो विधायक परमेंद्र सिंह ढुल ने शनिवार को प्रशासनिक अमले के साथ क्षेत्र में जलभराव ग्रस्त गांवों व खेतों का दौरा किया। इस दौरान जलभराव से आहत किसानों के बीच संबंधित अधिकारियों को बैठाकर निकासी की बढ़ती जा रही समस्या के समाधान निकाले। विधायक ढुल ने कहा कि जुलाना क्षेत्र में हो रहे जलभराव का कारण सरकार की नीति हैं। उन्होंने कहा कि पिछले साल हुई जलभराव की स्थिति के बाद सरकार ने साढ़े 10 करोड़ की परियोजना मंजूर की थी, जिसके तहत ड्रेनेज व्यवस्था सुधारीकरण किया जाना था, लेकिन इस योजना पर काम नहीं हुआ। यदि ड्रेनेज का सुधार होता हो जिला का किसान तबाह नहीं होता।
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मुख्यमंत्री को नहीं किसानों की चिंता, केवल फोटो खिंचवाने तक सिमटे : अभय
बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का दौरा करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में इनेलो नेता एवं नेता प्रतिपक्ष अभय सिंह चौटाला ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री को किसानों की चिंता नहीं है। मुख्यमंत्री केवल खराब फसलों के साथ मायूस चेहरा कर फोटो खिंचवा कर ही अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं। चौटाला ने कहा कि वे मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिख कर शत प्रतिशत आपदा घोषित करने, किसानों को प्रति एकड़ 25 हजार रुपये मुआवजा देने तथा एक साल के लिए किसानों के लोन का ब्याज व रिकवरी को रोकने की मांग करेंगे। चौटाला ने कहा कि यदि आठ अक्तूबर तक सरकार ने किसानों को आर्थिक मदद देने में किसी प्रकार की देरी की तो इनेलो सड़कों पर उतर कर आंदोलन करेगी।
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