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अमर उजाला ब्यूरो
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जींद। बारिश नहीं होने और नहरों में पानी नहीं होने के कारण गर्मी के मौसम में बिजली की मांग बढ़ती जा रही है। बिजली की डिमांड अधिक होने के कारण ओवरलोड के कारण लाइनें ट्रिप कर रही हैं। इससे सबसे अधिक परेशानी किसानों को हो रही है। आठ घंटे खेतों को मिलने वाली बिजली बीच-बीच में कट लगने के कारण गायब हो रही है। इससे किसानों की फसल खराब होने के कगार पर पहुंच गई है और उन्हें जाम लगाने को मजबूर होना पड़ रहा है। बिजली की खपत 80 लाख यूनिट तक पहुंच चुकी है जबकि उपलब्धता केवल 60 लाख यूनिट ही है।
धान रोपाई का सीजन शुरू होने के बाद बिजली की मांग बढ़ती जा रही है। इसका सबसे बड़ा कारण बारिश नहीं होना है। जिस प्रकार से मौसम विभाग ने बारिश की संभावना जताई थी, उस हिसाब से लोगों ने धान की रोपाई का काम शुरू कर दिया था लेकिन मौसम के दगा दे जाने के बाद अब पूरी तरह धान की फसल ट्यूबवेलों पर निर्भर हो गई है। इस कारण बिजली की मांग बढ़ गई है। 80 लाख यूनिट में से अकेले 40 लाख यूनिट खेतों में प्रयोग हो रही है। गांवों में 24 से 25 लाख यूनिट की खपत हो रही है। शहरी क्षेत्रों में 15 लाख यूनिट बिजली खर्च हो रही है। गर्मी के कारण एसी व कूलर चलने के कारण भी बिजली की डिमांड बढ़ गई है। एक सप्ताह पहले बिजली की खपत 64 लाख यूनिट थी लेकिन ज्यों-ज्यों गर्मी बढ़ी और बारिश नहीं हुई, उससे बिजली की खपत बढ़कर 80 लाख यूनिट हो गई है।
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रात दो बजे ही लगा दिया कंडेला में जाम
जींद-चंडीगढ़ मार्ग पर कंडेला गांव में रात को दो बजे गांव श्रीरामखेड़ा, कंडेला व शाहपुर के ग्रामीणों ने जाम लगा दिया। इन गांवों के किसानों ने कहा कि उनको बिजली नहीं मिल रही है। चार दिन पहले श्रीरागखेड़ा के 33 केवी पावर हाउस से धनखड़ी को भी निगम ने जोड़ दिया। इससे ओवरलोड हो गया और बिजली ट्रिप करने लगी। किसानों ने रात को ही जाम लगा दिया। इससे पहले इस पावर हाउस से श्रीरागखेड़ा, कंडेला व शाहपुर को ही बिजली सप्लाई होती थी। धनखड़ी को जोड़ने से बिजली समस्या पैदा हो गया। सूचना पाकर रात को ही सदर थाना प्रभारी मनदीप कुमार व बिजली निगम के एसडीओ रामपाल दहिया मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने इसी समस्या को लेकर चार जुलाई को भी जाम लगाया था लेकिन निगम अधिकारियों ने केवल आश्वासन देकर काम चला दिया। इसके बाद भी उनकी समस्या दूर नहीं हुई। ग्रामीण इस समय काम शुरू करने पर अड़े रहे। उन्होंने श्रीरागखेड़ा के पावर हाउस से कर्मचारियों को बाहर निकाल कर गेट बंद कर दिया। इससे पावर हाउस की सारी सप्लाई बंद हो गई। निगम के एसडीओ ने कहा कि वे अभी से इस समस्या के समाधान के लिए काम शुरू करवा देंगे। रात को ही निगम कर्मचारियों ने श्रीरागखेड़ा पावर हाउस में ओवरलोड पैनल लगवाने शुरू करवाए। इसके बाद चार बजे ग्रामीणों ने जाम खोल दिया।
बिजली की समस्या से परेशान बुढ़ाखेड़ा के किसानों ने भी लगाया जाम
पिल्लूखेड़ा। रविवार सुबह नौ बजे बुढ़ाखेड़ा गांव के किसानों ने भी खेतों में बिजली की मांग को लेकर जाम लगा दिया। किसानों ने सड़क के बीच ट्रैक्टर-ट्राली खड़े करके जाम लगाया। जींद-पानीपत मार्ग लगभग तीन घंटे तक जाम रहा। सूचना मिलने के बाद सफीदों थाना प्रभारी समरजीत सिंह, बिजली विभाग के एसडीओ केएस चौहान, जेई महाबीर और गांव के सरपंच सुरेश फौजी मौके पर पहुंचे। किसानों का कहना था कि खेतों में बिजली नहीं मिलने के कारण उनकी धान की फसल सूख रही है। किसानों का कहना था कि पिछले चार दिन से बिजली नहीं मिलने के कारण उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। निगम के एसडीओ केएस चौहान ने किसानों को आश्वासन दिया कि उनके खेतों को पूरी बिजली दी जाएगी। किसानों की धान की फसल को सूखने नहीं दिया जाएगा। इसके बाद किसानों ने जाम खोल दिया। जाम के कारण भयंकर गर्मी में आने-जाने वाले राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
एक सप्ताह में इन स्थानों पर लगाए किसानों ने जाम
30 जून को रोहतक रोड पर लोगों ने बिजली समस्या को लेकर जाम लगाया। तीन दिन से लोगों को बिजली नहीं मिल रही थी। एक जुलाई को मनोहरपुर में किसानों ने बिजली समस्या को लेकर जाम लगाया। किसानों का आरोप था कि वे तीन दिन से बिजली समस्या से जूझ रहे हैं। पांच जुलाई को कंडेला गांव में लोगों ने खेतों में बिजली नहीं मिलने के कारण जाम लगाया। छह जुलाई को शाहपुर में किसानों ने जाम लगाया। सात जुलाई को मांडो, बराह कलां, बराह खुर्द, निर्जन, लखमीरवाला व सुंदरपुर गांवों के लोगों ने निर्जन गांव में जाम लगा दिया। किसानों ने कहा कि उन्हें खेतों में बिजली नहीं मिल रही है। इस कारण उनकी फसलें सूख रही हैं।
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बिजली पर ओवरलोड की समस्या
गर्मी से पहले कई फीडरों पर काम किया गया है। शहरों में भी नए ट्रांसफार्मर रखे गए हैं। बारिश नहीं होने के कारण खेतों में बिजली की डिमांड बढ़ गई है। इस कारण फीडर पर ओवरलोड हो जाता है और लाइन ट्रिप कर जाती है। कई नए फीडरों की क्षमता बढ़ाने व नए फीडर लगाने का काम चल रहा है। जल्द ही समस्या दूर हो जाएगी।
-एसके सिंह, एसई, बिजली निगम।
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