अमर उजाला ब्यूरो
जींद। बिजली कर्मचारियों द्वारा की जा रही हड़ताल अब लोगों के लिए आफत बनती जा रही है। इसके चलते खराब होने पर बिजली ठीक नहीं हो पा रही और लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। अब लोग बिजली ठीक कराने के लिए सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर हैं। शनिवार सुबह रोहतक रोड की भटनागर कॉलोनी व लक्ष्मी नगर के लोगों ने तीन दिन तक बिजली संकट झेलने के बाद रोहतक रोड पर जाम लगा दिया। बाद में पुलिस ने अधिकारियों से बातचीत कर आश्वासन देकर जाम खुलवाया। इसके चलते रोहतक रोड पर करीब डेढ़ घंटे तक जाम लगा रहा। हालांकि लोगों के जाम लगाने के बाद निगम के कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर बिजली को ठीक किया और दोपहर 12 बजे बिजली बहाल हो सकी।
गौरतलब है कि हिसार में कर्मचारियों के निलंबन का विरोध करते हुए बिजली कर्मचारियों की एक यूनियन ने हड़ताल शुरू कर दी है। इसके चलते पहले भी समस्या आ चुकी है और शनिवार को भी लोग परेशान हुए। लक्ष्मी नगर और भटनागर कॉलोनी के लोगों ने बताया कि उनके यहां 28 जून की रात तो बिजली बहुत ही कम वोल्टेज की आई थी। इसके चलते न तो इनवर्टर चार्ज हो पाए और न ही पंखे व फ्रिज चल पाए। लोगों ने कहा कि 29 जून की सुबह से लाइट बिल्कुल ही कट गई और इसके लिए बार-बार बिजली निगम को फोन किए, लेकिन फोन ही नहीं उठाया गया। इस पर लोगों के सब्र का बांध टूट गया और शनिवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे रोहतक रोड पर एसबीआई के पास जाम लगा दिया। जाम लगाने के करीब डेढ़ घंटे बाद शहर थाना प्रभारी दिनेश कुमार मौके पर पहुंचे और उन्होंने बिजली निगम के अधिकारियों से बातचीत कर बिजली बहाल करवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद लोगों ने जाम खोला।
ठप हो गए सभी काम
जाम लगा रहे लोगों ने बताया कि बिजली निगम की लापरवाही के चलते उनके सभी काम ठप हो गए। बिजली नहीं आने के चलते लोगों को पानी की सप्लाई भी सही नहीं मिल पा रही थी। लोगों ने बताया कि इसके चलते टंकी में पानी नहीं पहुंच पाया और घर के सभी काम ठप हो गए।
बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के चलते काम देरी से हो सका। सुबह ही इसकी सूचना मिली थी और इसके बाद मौके पर कर्मचारियों को भेज कर बिजली की समस्या ठीक करवा दी।
-संजय कुमार सिंगला, एसडीओ बिजली निगम।
मांगों को लेकर जारी रहेगा आंदोलन
कर्मचारी जायज मांगों को लेकर अंादोलन कर रहे हैं। निलंबित किए गए कर्मचारियों के मामले में विजिलेंस की जांच की मांग की जा रही है। अधिकारी खुद भ्रष्टाचार करते हैं और इसका जिम्मा कर्मचारियों पर डाल रहे हैं। यूनियन की हड़ताल का उद्देश्य लोगों को परेशान करना नहीं है।
-राजेश खासा, प्रधान बिजली कर्मचारी यूनियन।