23जेएनडी33: शहर की अनाजमंडी में प्राइवेट बोली पर खरीदा गया बाजरा। संवाद
जींद। सरकार ने 22 सितंबर से पीआर धान की सरकारी खरीद के निर्देश दिए थे लेकिन इस आदेश को जिला प्रशासन गंभीरता से नहीं ले रहा है। शहर की अनाज मंडी में मंगलवार को पीआर धान की लगभग 400 क्विंटल आवक हो चुकी है लेकिन सरकारी रेट पर शून्य खरीद हुई है।
वहीं किसान फसलों के बिकने के इंतजार में बैठे हैं। मंडी में प्राइवेट बोली पर 1509 धान बिक रहा है। इसका अधिकतम रेट 3200 रुपये तक किसानों को मिला है।
इसके अतिरिक्त मंडी में बाजरे की सरकारी खरीद भी आज से शुरू होनी थी लेकिन वह भी नहीं हुई। इसके चलते प्राइवेट बोली पर बाजरा 2100 से 2200 रुपये तक बिक रहा है। इसके कारण किसानों को प्रति किंव्टल 600 से 700 रुपये तक नुकसान हो रहा है हालांकि मंडी में फिलहाल जो बाजरा लाया जा रहा है। उन किसानों ने रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया।
इसके चलते यह किसान प्राइवेट बोली पर ही सस्ते दामों में बेचने को मजबूर हुए हैं। अभी तक मंडी में लगभग 900 क्विंटल बाजरे की बिक्री हुई है। खरीद एजेंसियों की लापरवाही के चलते मंडी में किसानों को खरीद के शुरुआती दिनों में ही परेशानी शुरू हो गई है। इसको लेकर अधिकारी भी गंभीर नहीं हैं।
दो दिन से मंडी में किसी भी खरीद एजेंसी के अधिकारी या नोडल अधिकारी ने दौरा तक नहीं किया और न किसी किसान से बात की। प्रशासनिक अधिकारियों की यह लापरवाही मौसम खराब होने पर किसानों को भारी पड़ेगी। अगर बरसात होने पर धान मंडी में भीग गई तो किसान की छह माह की मेहनत बर्बाद होगी।
वर्जन
मंडी में मार्केट कमेटी की तरफ से खरीद की सभी तैयारियां पूरी की गई हैं। मंडी में जो फसल किसान लेकर आ रहे हैं। उनके गेट पास काटे जा रहे हैं। खरीद शुरू करवाने की जिम्मेदारी खरीद एजेंसियों की है। फिलहाल मंडी में पीआर धान की सरकारी खरीद शुरू नहीं हो पाई। प्राइवेट बोली पर धान की अन्य वैरायटी की खरीद शुरू हो चुकी है।-संजीव कुमार मार्केट कमेटी सचिव जींद